सीजी भास्कर, 05 फरवरी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि मयाली को आने वाले समय में एक प्रमुख ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित (Mayali tourism) किया जाएगा। उन्होंने भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 की उप-योजना सीबीडीडी के अंतर्गत स्वीकृत मयाली–बगीचा विकास परियोजना का मयाली नेचर कैंप में विधिवत भूमिपूजन किया। लगभग 10 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना के तहत क्षेत्र में पर्यटन सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इस परियोजना के अंतर्गत मयाली, विश्व प्रसिद्ध मधेश्वर पर्वत तथा बगीचा स्थित कैलाश गुफा क्षेत्र में आधारभूत और आधुनिक पर्यटन ढांचे का निर्माण किया जाएगा। इससे क्षेत्र की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और जनजातीय विरासत का संरक्षण होगा और समुदाय आधारित पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि मयाली-बगीचा परियोजना जशपुर जिले के लिए ऐतिहासिक पहल है। मयाली की पहचान सदियों से मधेश्वर महादेव से जुड़ी रही है, जिसे विश्व का सबसे बड़ा प्राकृतिक शिवलिंग (Mayali tourism) माना जाता है। इस परियोजना से मधेश्वर पर्वत के धार्मिक और पर्यटन महत्व को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी।
उन्होंने बताया कि मयाली को एक समग्र इको-टूरिज्म और एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां के जंगल, झरने, पहाड़ और समृद्ध आदिवासी संस्कृति को देश-दुनिया के पर्यटकों तक पहुंचाया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिलेगा, इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने होम-स्टे नीति लागू की है।
परियोजना के तहत मयाली क्षेत्र में 5 पर्यटक कॉटेज, कॉन्फ्रेंस एवं कन्वेंशन हॉल, स्किल डेवलपमेंट सेंटर, भव्य प्रवेश द्वार, बाउंड्री वॉल, आधुनिक टॉयलेट, लैंडस्केपिंग और पाथवे का निर्माण (Mayali tourism) किया जाएगा। वहीं बगीचा स्थित कैलाश गुफा परिसर में प्रवेश द्वार, पिकनिक स्पॉट, रेस्टिंग शेड, घाट विकास, सीढ़ियों और रेलिंग का जीर्णोद्धार किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्किल डेवलपमेंट सेंटर में टूर गाइड, होटल सेवा, एडवेंचर स्पोर्ट्स, हस्तशिल्प और डिजिटल बुकिंग से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे जशपुर जिले को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।




