सीजी भास्कर, 16 मार्च। छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने 17 मार्च को प्रस्तावित विधानसभा घेराव को लेकर अपनी तैयारियां (MGNREGA Bachao Sangram) तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक कर आंदोलन की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की। बैठक में इस बात पर खास जोर दिया गया कि पुलिस बंदोबस्त और प्रशासनिक सख्ती के बीच प्रदर्शन को किस तरह संगठित, अनुशासित और असरदार बनाया जाए।
जिलाध्यक्षों और प्रभारियों को मिला टास्क
बैठक में जिलाध्यक्षों, विधानसभा प्रभारियों और संगठन के अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। पार्टी नेतृत्व ने साफ किया कि हर जिले से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना इस बार सबसे बड़ी प्राथमिकता है। समन्वय, भीड़ प्रबंधन, संपर्क और समय पर रायपुर पहुंचने की व्यवस्था को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए।
कांग्रेस का दावा है कि 17 मार्च को होने वाले इस प्रदर्शन में प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग (MGNREGA Bachao Sangram) शामिल होंगे। पार्टी इसे केवल संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनसरोकार के मुद्दों पर सरकार के खिलाफ बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के रूप में पेश कर रही है। पार्टी से जुड़े जिला स्तरीय कार्यक्रमों और तैयारियों की खबरें भी सामने आई हैं, जिनमें जिलावार बैठकें और प्रभारी नियुक्ति का जिक्र है।
मनरेगा से लेकर महंगाई तक कई मुद्दों पर फोकस
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने बताया कि विधानसभा घेराव केवल एक मुद्दे तक सीमित नहीं रहेगा। पार्टी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ के साथ-साथ प्रदेश के कई स्थानीय और जनहित के सवालों को लेकर सड़क पर उतरने जा रही है। कांग्रेस जिन मुद्दों को प्रमुखता से उठा रही है, उनमें बिजली दरों में बढ़ोतरी, किसानों से किए गए वादों को पूरा नहीं करना, धान खरीदी में कथित वादाखिलाफी और गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी शामिल हैं। इन बिंदुओं को कांग्रेस पहले से अपने आंदोलन का केंद्रीय हिस्सा बताती रही है।
बैज ने यह भी कहा कि कार्यक्रम में प्रदेश प्रभारी महासचिव सचिन पायलट सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल होंगे। हालांकि मुझे सचिन पायलट की मौजूदगी की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं मिली, लेकिन कांग्रेस की तैयारियों और जिलों में हो रही बैठकों के संकेत कई स्रोतों में दिख रहे हैं।
पहले भी हो चुकी हैं कई बैठकें
कांग्रेस मुख्यालय स्तर पर घेराव की रूपरेखा को लेकर पहले भी बैठकें हो चुकी हैं। अब जिलों में लगातार बैठकें आयोजित कर पार्टी संगठन को सक्रिय (MGNREGA Bachao Sangram) किया जा रहा है। इसका मकसद यह है कि 17 मार्च का प्रदर्शन केवल राजधानी तक सीमित न लगे, बल्कि प्रदेशव्यापी असंतोष का रूप ले सके। सोशल मीडिया पोस्ट्स और जिला स्तरीय कवरेज में भी 17 मार्च के कार्यक्रम के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की बात सामने आई है।
मनरेगा आंदोलन की पृष्ठभूमि भी अहम
मनरेगा को लेकर कांग्रेस पहले भी चरणबद्ध आंदोलन चला चुकी है। पार्टी ने पहले चक्का जाम, कलेक्ट्रेट प्रदर्शन और जिला स्तर के विरोध कार्यक्रमों के जरिए इस मुद्दे को उठाया था। अब विधानसभा घेराव को उसी आंदोलन की अगली राजनीतिक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। कांग्रेस का संदेश साफ है कि वह मनरेगा, महंगाई, गैस संकट और किसानों के मुद्दों को जोड़कर सरकार पर व्यापक दबाव बनाना चाहती है। मनरेगा आंदोलन को लेकर कांग्रेस की राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय सक्रियता पहले से दर्ज रही है।





