मनरेगा बचाव संग्राम के तहत जिले में कांग्रेस ने अपने आंदोलन को नया मोड़ देने की तैयारी कर ली है। (MGNREGA Protest Bilaspur) के नाम से हो रहे इस अभियान के तहत 18 फरवरी को जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा।
ब्लॉक और मंडल स्तर पर पहले ही चरणबद्ध प्रदर्शन किए जा चुके हैं, जिसके बाद अब जिला प्रशासन तक सीधी आवाज पहुंचाने की रणनीति बनाई गई है। संगठन का कहना है कि यह सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार से जुड़े अधिकारों की लड़ाई है।
संगठनात्मक बैठक में तय हुई रणनीति
इस आंदोलन को लेकर कांग्रेस भवन में जिला स्तर की अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में सभी ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करें।
(MGNREGA Issue) को लेकर जमीनी स्तर पर नाराजगी लगातार बढ़ रही है, ऐसे में संगठन इस प्रदर्शन को जनभावनाओं से जोड़कर बड़े शक्ति प्रदर्शन में बदलना चाहता है।
प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर के नेता रहेंगे मौजूद
कलेक्ट्रेट घेराव में प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज और एआईसीसी के राष्ट्रीय सचिव देवेंद्र यादव की मौजूदगी प्रस्तावित है।
(Congress Protest Chhattisgarh) के रूप में देखे जा रहे इस आयोजन को संगठन की ओर से राजनीतिक और सामाजिक दोनों दृष्टिकोण से अहम माना जा रहा है। नेताओं की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में उत्साह और जोश बढ़ने की उम्मीद है।
हर ब्लॉक से 200 कार्यकर्ता लाने का लक्ष्य
जिले की कुल 15 ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। संगठन ने प्रत्येक ब्लॉक अध्यक्ष को कम से कम 200 कार्यकर्ताओं को कलेक्ट्रेट घेराव में शामिल कराने का लक्ष्य दिया है।
(Collectorate Gherao) के जरिए जिला स्तर पर बड़ा दबाव बनाने की तैयारी की जा रही है, ताकि प्रशासन तक मनरेगा से जुड़े मुद्दों की गंभीरता मजबूती से पहुंचे।
नाम बदलने और कानून से जुड़े फैसलों पर विरोध
शहर अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा ने बताया कि मनरेगा के नाम परिवर्तन और इसके स्वरूप को लेकर संगठन असहमति जता रहा है। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार से जुड़ी योजनाओं के साथ छेड़छाड़ आम लोगों के हितों पर सीधा असर डालती है।
इसी कारण (MGNREGA Issue) को लेकर अब आंदोलन को जिला स्तर पर तेज किया जा रहा है।
स्थगित कार्यक्रम अब तय तारीख पर होगा आयोजित
यह प्रदर्शन पहले भी प्रस्तावित था, लेकिन कुछ प्रशासनिक और संगठनात्मक कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा था। अब सभी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया गया है और 18 फरवरी को तय कार्यक्रम के अनुसार कलेक्ट्रेट घेराव किया जाएगा।
संगठन का दावा है कि इस बार भागीदारी पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा व्यापक और असरदार होगी।





