सीजी भास्कर 10 जनवरी रायपुर। MGNREGA Save Campaign के तहत कांग्रेस ने VB-GRAM-G विधेयक के विरोध में राज्यभर में आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली है। ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ नाम से शुरू हो रहे इस अभियान की औपचारिक शुरुआत आज 10 जनवरी को सभी जिला मुख्यालयों में जिला कांग्रेस कार्यालयों में होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस से की जाएगी।
26 फरवरी तक चलेगा चरणबद्ध आंदोलन
कांग्रेस की योजना के मुताबिक यह अभियान 10 जनवरी से 26 फरवरी 2026 तक चलेगा। अलग-अलग चरणों में कार्यक्रम तय किए गए हैं, ताकि मनरेगा से जुड़े मुद्दों को गांव से लेकर राज्य स्तर तक मजबूती से उठाया जा सके। पार्टी का कहना है कि यह सिर्फ राजनीतिक विरोध नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार के अधिकार की लड़ाई है।
11 जनवरी को एकदिवसीय उपवास
अभियान के दूसरे दिन, यानी 11 जनवरी को जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर एकदिवसीय उपवास रखा जाएगा। महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमाओं के पास यह उपवास कार्यक्रम आयोजित होगा, जिसमें वरिष्ठ नेता, कार्यकर्ता और मनरेगा से जुड़े लोग शामिल होंगे।
पंचायत स्तर तक पहुंचेगा अभियान
12 से 29 जनवरी तक अभियान का दायरा पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। इस दौरान गांव-गांव चौपालें लगेंगी, जनसंपर्क किया जाएगा और ग्राम प्रधानों, पूर्व सरपंचों, रोजगार सेवकों व मनरेगा श्रमिकों तक पार्टी नेतृत्व का संदेश पहुंचाया जाएगा। विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण भी इसी चरण का हिस्सा होंगे।
धरना और ज्ञापन का चरण
30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा। इसके बाद 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला मुख्यालयों में ‘मनरेगा बचाओ’ धरना आयोजित होगा। इस दौरान कलेक्टर कार्यालयों के बाहर प्रदर्शन कर विधेयक वापस लेने और मनरेगा को मूल स्वरूप में बहाल करने की मांग वाला ज्ञापन सौंपा जाएगा।
विधानसभा घेराव की तैयारी
अभियान के अंतिम चरण में 7 से 15 फरवरी के बीच राज्य स्तर पर विधानसभा घेराव किया जाएगा। पार्टी नेतृत्व का दावा है कि इसमें बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। उद्देश्य साफ है—ग्रामीण रोजगार योजना से जुड़े किसी भी बदलाव के खिलाफ दबाव बनाना।


