सीजी भास्कर, 1 मार्च। इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब पूरे मिडिल ईस्ट के एविएशन सेक्टर पर दिखने (Middle East Airport Shutdown) लगा है। मिसाइल हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के बीच कई खाड़ी देशों ने अस्थायी रूप से अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिसके चलते हजारों उड़ानें रद्द हुई हैं और लाखों यात्री प्रभावित हुए हैं।
किन-किन एयरपोर्ट्स पर पड़ा असर?
तनाव के चलते इज़रायल के बेन गुरियन एयरपोर्ट (तेल अवीव) से उड़ान संचालन रोक दिया गया है। संयुक्त अरब अमीरात में दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अबु धाबी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द या डायवर्ट की गई हैं। कतर की राजधानी दोहा स्थित हमाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी फ्लाइट ऑपरेशन्स प्रभावित हुए हैं।
ईरान की राजधानी के इमाम खोमैनी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से भी उड़ानों पर असर पड़ा है। इसके अलावा कुवैत, बहरीन, बेरूत (लेबनान) और अम्मान (जॉर्डन) के एयरपोर्ट्स पर भी सुरक्षा कारणों से फ्लाइट कैंसिलेशन और देरी की खबरें हैं।
क्यों बंद किया गया एयरस्पेस?
क्षेत्र में मिसाइल और ड्रोन गतिविधियों के कारण नागरिक उड्डयन सुरक्षा को देखते हुए कई देशों ने एहतियातन एयरस्पेस बंद या सीमित (Middle East Airport Shutdown) कर दिया है। एविएशन अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हालात सामान्य होने तक प्रतिबंध जारी रह सकते हैं।
हजारों यात्री फंसे, एयरलाइंस ने जारी की एडवाइजरी
विभिन्न एयरलाइंस ने यात्रियों को यात्रा से पहले फ्लाइट स्टेटस जांचने और वैकल्पिक व्यवस्था करने की सलाह दी है। कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को यूरोप और एशिया के वैकल्पिक हब्स की ओर डायवर्ट किया गया है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक हवाई यातायात पर भी पड़ (Middle East Airport Shutdown) सकता है, क्योंकि दुबई और दोहा जैसे एयरपोर्ट्स अंतरराष्ट्रीय ट्रांजिट हब माने जाते हैं। फिलहाल क्षेत्र की स्थिति पर दुनिया भर की एविएशन एजेंसियां नजर बनाए हुए हैं।






