सीजी भास्कर, 21 नवंबर। निफ्टम ने मोटा अनाज आधारित बेकरी उत्पादों पर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। हरियाणा के कुंडली में स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट की ग्राम अंगीकरण कार्यक्रम टीम ने प्रो. प्रसन्ना कुमार जी.वी. और अभिमन्यु गौर के नेतृत्व में जशपुर नगर में महुआ पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में मोटा अनाज से बने बेकरी प्रोडक्ट्स पर एक हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग सेशन किया ( Millet Bakery Training )। इस प्रोग्राम में स्वयं सहायता समूह की 25 महिलाओं ने हिस्सा लिया, जिसका उद्देश्य नान खटाई, न्यूट्रीबार और कुकीज जैसे बेकरी आइटम्स में मोटा अनाज के उपयोग के माध्यम से न्यूट्रिशनल अवेयरनेस, स्किल डेवलपमेंट और आय के अवसर बढ़ाना था।
निफ्टम के स्टूडेंट्स ने बाजरे को “न्यूट्री-सीरियल्स” के रूप में महत्व बताया, जो फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं ( NIFTEM Jashpur Workshop )। प्रशिक्षण के दौरान ग्रामीण महिलाओं को एंटरप्रेन्योरशिप के अवसरों के बारे में बताया गया, जिससे वे हेल्दी और बाजरे से बने इन उत्पादों की बढ़ती बाजार मांग को पूरा करते हुए अपने आय-स्रोतों में विविधता ला सकें। प्रतिभागियों ने कहा कि निफ्टम द्वारा दिए गए प्रैक्टिकल डेमो और गाइडेंस से उन्हें अपने समुदाय में छोटे पैमाने पर व्यवसाय शुरू करने में बड़ी मदद मिलेगी।
जशपुर में निफ्टम टीम वैल्यू-एडेड फूड प्रोडक्ट्स के उत्पादन के साथ-साथ पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग के लिए तकनीकी सहयोग भी दे रही है ( Rural Women Skill Development )। यह पहल फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को बढ़ावा देने और स्थानीय स्तर पर फूड-बेस्ड एंटरप्रेन्योरशिप को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम निफ्टम के डायरेक्टर डॉ. हरिंदर सिंह ओबेरॉय के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है तथा इसे जशपुर जिला प्रशासन का पूरा समर्थन प्राप्त है, जिसमें जिला कलेक्टर रोहित व्यास और जिला पंचायत जशपुर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार भी सहयोग दे रहे हैं ( Millet Entrepreneurship Promotion )। कार्यक्रम की गतिविधियों का समन्वय विजय शरण प्रसाद, मिशन मैनेजर, और जय जंगल एफपीसी जशपुर के डायरेक्टर समर्थ जैन कर रहे हैं।





