Missing Accused Raisen Case: पुलिस की 15 टीमें भी खाली हाथ, गांव में डर और गुस्से का माहौल
रायसेन जिले के गौहरगंज क्षेत्र में छह साल की बच्ची से हुई दरिंदगी ने पूरे इलाके को हिला दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लगभग 200 पुलिसकर्मियों और 15 विशेष टीमों को तलाश में लगाया गया है, लेकिन मुख्य आरोपी सलमान कई दिन बीत जाने के बाद भी पकड़ से दूर है। गांव वालों के अनुसार, घटना ने घर-आंगन की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना से आठ दिन पहले बंद किया गया फोन, पुलिस को साजिश का शक
जांच में सामने आया है कि आरोपी ने अपना मोबाइल 12 नवंबर को ही स्विच ऑफ कर दिया था, जिससे पुलिस का शक गहरा गया है कि पूरी वारदात सोची–समझी प्लानिंग (planned crime) का हिस्सा हो सकती है। तकनीकी निगरानी (technical surveillance) के बावजूद अब तक कोई ठोस लोकेशन नहीं मिली है। पुलिस टीमें संदिग्ध रास्तों से लेकर कठिन पहाड़ी हिस्सों तक लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।
Missing Accused Raisen Case: बढ़ते विरोध के बीच जिले के शीर्ष अधिकारी हटाए गए
घटना के बाद गांव में माहौल बेहद तनावपूर्ण है। महिलाओं और युवाओं ने सुरक्षा को लेकर आवाज उठाई, जिसके चलते जिले के शीर्ष स्तर पर कार्रवाई हुई और संबंधित अधिकारी को पद से हटाने का आदेश दिया गया। बताया जा रहा है कि स्थिति काबू में रहे, इसके लिए आसपास के कई जिलों से अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा, ताकि गांव में कानून-व्यवस्था बनी रहे।
चौबीस घंटे चल रही तलाशी, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं
CCTV फुटेज खंगालने से लेकर ड्रोन सर्विलांस (drone surveillance) तक, हर दिशा में कोशिशें जारी हैं। लेकिन आरोपी के फरार होने के बाद से मोबाइल नेटवर्क, पैदल रास्ते और जंगलों को स्कैन करने के बावजूद पुलिस खाली हाथ लौट रही है। जांच में शामिल अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का फोन लास्ट बार जिस टावर पर एक्टिव था, उसके बाद उसकी गतिविधियों का कोई डिजिटल निशान नहीं मिला।
Missing Accused Raisen Case: ‘न्याय बिना आंदोलन नहीं रुकेगा’, ग्रामीणों का स्पष्ट संदेश
गांव के लोगों का कहना है कि बच्ची और उसके परिवार को न्याय मिलने तक आंदोलन थमने वाला नहीं है। स्थानीय संगठनों ने साफ कहा है कि प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे, क्योंकि यह सिर्फ एक बच्ची का मामला नहीं, बल्कि समाज की सुरक्षा का सवाल है। ग्रामीणों का मानना है कि आरोपी की गिरफ्तारी ही पूरे क्षेत्र में भरोसा वापस ला सकती है।
समाज के लिए चेतावनी, प्रशासन के लिए चुनौती
इस घटना ने यह साफ कर दिया है कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर अब और कड़े कदम जरूरी हैं। पुलिस मुख्यालय लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए है, जबकि ग्रामीणों की उम्मीदें सिर्फ इस बात पर टिकी हैं कि आरोपी की गिरफ्तारी जल्द हो और बच्ची के परिवार को न्याय मिले। घटना ने प्रशासन को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई।





