सीजी भास्कर 11 मार्च छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राजधानी Raipur में राजनीतिक माहौल उस वक्त गरमा गया, जब भाजपा विधायक Rikesh Sen को मिली कथित जान से मारने की धमकी का मामला सदन में उठा। शून्यकाल के दौरान विपक्षी सदस्यों ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सरकार से स्पष्ट जवाब की मांग की। सदन में कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया और चर्चा का केंद्र MLA Death Threat Issue बन गया।
भूपेश बघेल ने सरकार से मांगा जवाब
मामले को उठाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री Bhupesh Baghel ने कहा कि उन्होंने एक दिन पहले ही इस विषय पर गृहमंत्री का ध्यान आकर्षित कराया था, लेकिन अब तक सरकार की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। कांग्रेस विधायक Umesh Patel ने भी आसंदी से व्यवस्था देने का अनुरोध किया। विपक्ष का कहना था कि यह केवल एक विधायक का मामला नहीं बल्कि सदन की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा विषय है, इसलिए इस पर Chhattisgarh Assembly Debate होना जरूरी है।
आसंदी ने व्यवस्था देने से किया इंकार
सदन की कार्यवाही के दौरान आसंदी ने यह कहते हुए व्यवस्था देने से इंकार कर दिया कि सरकार के संज्ञान में मामला आ चुका है, इसलिए अलग से बयान की आवश्यकता नहीं है। आसंदी के इस रुख के बाद विपक्षी सदस्य नाराज हो गए और उन्होंने विरोध जताते हुए सदन की कार्यवाही से बहिष्कार कर दिया। कुछ देर तक सदन में तीखी बहस भी देखने को मिली और अंततः विपक्ष ने Assembly Walkout का रास्ता चुना।
रिकेश सेन ने कहा – मामले को राजनीतिक रंग न दें
विवाद के बीच भाजपा विधायक Rikesh Sen ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि बिना पूरी जानकारी के इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा से जुड़ी पूरी जानकारी उन्होंने सरकार और संसदीय कार्य मंत्री को दे दी है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर सजग है और इस विषय को लेकर अनावश्यक राजनीति नहीं होनी चाहिए। सदन में उनका यह बयान Rikesh Sen Statement के रूप में चर्चा में रहा।





