सीजी भास्कर, 28 मार्च। जनप्रतिनिधियों को डिजिटल संचार के आधुनिक तरीकों और गवर्नेंस टूल्स से लैस करने के उद्देश्य से 30 मार्च को दिल्ली में आयोजित बहुपयोगी वर्कशॉप में छत्तीसगढ़ के 5 विधायकों को शामिल किया गया है। इस सूची में दुर्ग संभाग से विधायक रिकेश सेन का चयन हुआ है। इनके अलावा रायपुर संभाग से दो, सरगुजा और बस्तर संभाग से एक-एक विधायकों का चयन हुआ है। (MLA Rikesh called to Delhi)
हाल ही में एनएफपीआरसी के चेयरमैन तरुण चुघ ने छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ रमन सिंह को पत्र लिख 5 विधायकों को इस कार्यशाला के लिए आमंत्रित करने का अनुरोध किया था जिसमें वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन भी शामिल हैं। (MLA Rikesh called to Delhi)
नेशन फर्स्ट पॉलिसी रिसर्च सेंटर द्वारा नई दिल्ली के एम्बेसडर होटल में ‘डिजिटल संचार और सार्वजनिक शासन उपकरणों के माध्यम से विधायी प्रभाव को बढ़ाना‘ विषय पर आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में छत्तीसगढ़ से चयनित विधायकों में वैशाली नगर के विधायक रिकेश सेन भी सक्रिय रूप से भाग लेंगे।
आपको बता दें कि यह कार्यशाला सांसदों और विधायकों को डिजिटल युग में जनता से प्रभावी ढंग से जुड़ने और सरकारी योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए आधुनिक उपकरणों से लैस करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है।
विधायक रिकेश सेन ने डिजिटल संचार के माध्यम से जनता के साथ संबंध मजबूत करने और सार्वजनिक शासन उपकरणों का उपयोग करके निर्वाचन क्षेत्र के विकास को गति देने के तरीकों पर होने वाली इस कार्यशाला को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह जनप्रतिनिधियों के लिए अपनी प्रभावशीलता बढ़ाने और जनता की सेवा करने के लिए एक मूल्यवान अवसर है।
कार्यशाला की मुख्य विशेषताएं : MLA Rikesh called to Delhi
जनप्रतिनिधियों को डिजिटल उपस्थिति को मजबूत करने और सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफार्मों का उपयोग करके जनता के साथ सीधे संवाद स्थापित करने के तरीकों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसमें दिशा समितियों, MLALADS फंड और अन्य सार्वजनिक शासन उपकरणों के प्रभावी उपयोग पर चर्चा की जाएगी ताकि निर्वाचन क्षेत्र के विकास में तेजी लाई जा सके।
इस कार्यशाला में पूर्व केंद्रीय मंत्री और सांसद अनुराग सिंह ठाकुर, सांसद शशांक मणि और विदिशा के जिलाधिकारी अंशुल गुप्ता जैसे विशेषज्ञ अपने अनुभव और ज्ञान साझा करेंगे।
विधायक रिकेश सेन ने कार्यशाला के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि डिजिटल संचार आज के दौर में जनप्रतिनिधियों के लिए एक आवश्यक उपकरण है। यह हमें जनता के साथ सीधे संवाद स्थापित करने और उनकी समस्याओं को बेहतर ढंग से समझने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि कार्यशाला से सीखे गए कौशल और ज्ञान का उपयोग करके अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास और जनता की सेवा के लिए तत्पर हूं।
दुर्ग संभाग से श्री सेन के साथ दिल्ली बुलाए गए छत्तीसगढ़ के कुल 5 विधायकों में रायपुर संभाग से अनुज शर्मा धरसींवा, सरगुजा संभाग से श्रीमती गोमती साय पत्थलगांव, बस्तर संभाग से चैतराम अटामी दंतेवाड़ा तथा विधायक राजिम रोहित साहू भी शामिल हैं।


