सीजी भास्कर, 8 जनवरी। देशभर में मनरेगा बनाम विकसित भारत-जी राम जी (MNREGA vs VBG Ramji) अधिनियम को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने केंद्र सरकार के नए कानून के विरोध में ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान की शुरुआत की है, जिस पर अब पक्ष और विपक्ष के बीच खुलकर बयानबाजी हो रही है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने इस अभियान (MNREGA vs VBG Ramji) को लेकर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना, जो महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी थी, उसे मौजूदा सरकार ने समाप्त कर दिया। उनका आरोप है कि सरकार को महात्मा गांधी से एलर्जी है और गरीबों की योजनाओं से परेशानी है। भूपेश बघेल ने कहा कि मनरेगा जैसी योजना दुनिया में कहीं नहीं थी, जिसे डॉ. मनमोहन सिंह और सोनिया गांधी ने गरीबों के लिए तैयार किया था। इसी योजना ने करोड़ों लोगों के घरों तक रोजगार और राशन पहुंचाने का काम किया, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने आनन-फानन में इसे बंद कर दिया।
उन्होंने बताया कि इसी के विरोध में अखिल भारतीय कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने यह निर्णय लिया है कि देश के अलग-अलग राज्यों में आंदोलन कर जनता को इस फैसले के खिलाफ जागरूक किया जाएगा।
वहीं पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने भी ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ अभियान (MNREGA vs VBG Ramji) को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि AICC की ओर से इस अभियान की शुरुआत की गई है और कांग्रेस वर्किंग कमेटी में यह फैसला लिया गया कि पूरे देश में गरीबों के बीच जाकर इस कानून का विरोध किया जाएगा। उनका कहना है कि नए कानून के लागू होने से मनरेगा योजना पूरी तरह बंद हो जाएगी, जिससे गरीबों की रोजी-रोटी छिन जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले मांग के आधार पर काम मिलता था, लेकिन अब केंद्र सरकार तय करेगी कि राज्यों को कितना पैसा मिलेगा और कितना काम होगा।
इधर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कांग्रेस के इस आंदोलन पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम एक बेहतर और दूरदर्शी कानून है, जो पुरानी NREGA योजना से कई गुना अच्छा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नई योजना के तहत 100 दिन की जगह 125 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया गया है और भुगतान की भी गारंटी दी गई है। उन्होंने यह भी बताया कि देश कृषि प्रधान होने के कारण इस योजना में खेती से जुड़े दो महीनों के अवकाश का प्रावधान है, ताकि बुआई और कटाई के समय श्रमिकों को कृषि मजदूरी मिल सके।
इस तरह मनरेगा बनाम VBG राम जी कानून को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है, जहां कांग्रेस इसे गरीब-विरोधी फैसला बता रही है, वहीं सरकार इसे रोजगार की नई और मजबूत व्यवस्था करार दे रही है।





