सीजी भास्कर, 28 दिसंबर। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने शनिवार को जानकारी दी कि भारत ने इलेक्ट्रानिक्स उत्पादन को पिछले कुछ वर्षों में छह गुना बढ़ा दिया है और अब यह दुनिया में दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल उत्पादक देश (Mobile Manufacturing) बन गया है। उन्होंने बताया कि इस सफलता में प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) योजना (PLI Scheme) का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।
वैष्णव ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में इलेक्ट्रानिक निर्यात को आठ गुना बढ़ाने में PLI योजना की अहम भूमिका रही है। इस योजना के तहत 13,475 करोड़ रुपये से अधिक निवेश (Investment) आकर्षित हुआ है, जिससे इलेक्ट्रानिक्स क्षेत्र में लगभग 9.8 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन (Production) की संभावना बनी है। इससे न केवल निर्माण और निर्यात को बढ़ावा मिला है बल्कि रोजगार (Employment) के अवसर भी सृजित हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले पांच वर्षों में 1.3 लाख से अधिक नौकरियों का सृजन हुआ है और इलेक्ट्रॉनिक्स अब भारत की तीसरी सबसे बड़ी निर्यात श्रेणी बन गई है, जो पहले सातवें स्थान पर थी। उन्होंने कहा कि पहले देश का ध्यान केवल तैयार उत्पादों पर था, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट मैन्यूफैक्चरिंग योजना (Electronics Component Manufacturing Scheme) ने माड्यूल, कंपोनेंट, सब-माड्यूल और कच्चे माल के उत्पादन की क्षमता विकसित करने में मदद की है।
इस योजना के तहत अब तक 249 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें 1.15 लाख करोड़ रुपये के निवेश, 10.34 लाख करोड़ रुपये के उत्पादन और 1.42 लाख नौकरियों का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा, सेमीकंडक्टर (Semiconductor) क्षेत्र में भी अब तक दस इकाइयों को मंजूरी दी जा चुकी है। मंत्री ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षेत्र ने पिछले दशक में 25 लाख नौकरियों का सृजन किया है।
उन्होंने यह भी बताया कि PLI योजना ने घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है और भारत को वैश्विक इलेक्ट्रानिक्स आपूर्ति श्रृंखला में एक मजबूत खिलाड़ी बना दिया है। इससे भारत का मोबाइल उत्पादन (Mobile Manufacturing) और निर्यात क्षमता बढ़ी है, और देश तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है।


