नई मेडिकल कॉलेज नीति से बदलेगा स्वास्थ्य शिक्षा का नक्शा (MP Medical College Expansion)
मध्य प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा को लेकर बड़ी हलचल है। छतरपुर, राजगढ़ और बुधनी में नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारियां अब अंतिम दौर में हैं। राज्य की चिकित्सा शिक्षा इकाई ने इन तीनों प्रस्तावित कॉलेजों के लिए National Medical Commission को औपचारिक आवेदन भेज दिया है, जिसके बाद प्रशासनिक टीमें औपचारिकताओं को पूर्ण करने में लगी हैं।
हर जिले में मेडिकल कॉलेज का लक्ष्य, तीनों संस्थानों में 150-150 नई सीटें
सरकार की योजना के अनुसार प्रत्येक कॉलेज में 150 MBBS सीटें होंगी, यानी कुल 450 नई मेडिकल सीटें प्रदेश की मौजूदा क्षमता में जुड़ेंगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इससे न केवल डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर भी सुधरेगा।
केंद्र की नई गाइडलाइन के तहत सभी नए कॉलेजों में B.Sc Nursing Program भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
पुराने प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार, कई कॉलेज निर्माण देरी में फंसे थे
राजगढ़ और मंडला मेडिकल कॉलेजों की प्राथमिक मंजूरी वर्ष 2018 में मिल चुकी थी, लेकिन एमओयू और निर्माण की धीमी गति के कारण संस्थान शुरू नहीं हो पाए थे। इसी योजना के तहत नीमच, मंदसौर, श्योपुर और सिंगरौली में प्रवेश प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी है।
अब विभाग का जोर वर्षों से रुके पड़े प्रोजेक्ट्स को गति देने पर है, ताकि प्रदेश की स्वास्थ्य अधोसंरचना संगठित रूप से विकसित हो सके।
फैकल्टी भर्ती और संसाधनों की तैयारी तेज, लाइब्रेरी से उपकरणों तक काम जारी
चिकित्सा शिक्षा संचालनालय ने कॉलेजों में फैकल्टी के चयन की प्रक्रिया को प्राथमिकता पर शुरू करने के निर्देश दिए हैं। पुस्तकालयों के लिए आवश्यक संदर्भ पुस्तकों और पाठ्य सामग्री की खरीद भी प्रारंभ कर दी गई है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रत्येक कॉलेज में Medical Infrastructure Readiness सुनिश्चित किया जा रहा है, ताकि सत्र 2026-27 के उद्घाटन में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
मुख्यमंत्री का प्रदेशव्यापी मेडिकल नेटवर्क का लक्ष्य, दो वर्षों में छह नए कॉलेजों की योजना
चिकित्सा शिक्षा संचालक डॉ. अरुणा कुमार ने बताया कि राज्य सरकार आगामी दो वर्षों में छह नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने को लेकर काम कर रही है। इस सूची में मंडला, उज्जैन और दमोह के नाम भी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि प्रदेश के सभी 55 जिलों में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने का लक्ष्य है। उनके संकल्प पत्र में यह भी उल्लेखित है कि सभी 29 लोकसभा क्षेत्रों में एक-एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा, जिससे प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सके।
नए कॉलेजों से युवाओं को मिलेगा बड़ा अवसर, प्रदेश की स्वास्थ्य क्षमता होगी मजबूत
पिछले दो वर्षों में प्रदेश में पाँच नए सरकारी मेडिकल कॉलेज शुरू किए जा चुके हैं। अब छतरपुर, राजगढ़ और बुधनी के कॉलेज operational होने पर न केवल युवाओं के लिए मेडिकल शिक्षा के विकल्प बढ़ेंगे, बल्कि प्रदेश की स्वास्थ्य क्षमता भी व्यापक स्तर पर मजबूत होगी।
सरकार का मानना है कि यह कदम भविष्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने का आधार बनेगा और प्रदेश को चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक नई पहचान देगा।





