मध्य प्रदेश में MP Teacher Recruitment Delay ने हजारों अभ्यर्थियों की राह कठिन कर दी है। स्कूल शिक्षा से जुड़ी नियुक्तियों में परीक्षा से लेकर जॉइनिंग तक का सफर अब दो साल से भी लंबा होता जा रहा है, जिससे तैयारी और भविष्य—दोनों पर असर पड़ रहा है।
पुरानी प्रक्रिया अधूरी, नई समय-सारिणी लागू
माध्यमिक शिक्षक (वर्ग-2) और प्राथमिक शिक्षक (वर्ग-3) की भर्तियां दो साल पहले शुरू हुई थीं, लेकिन अब तक फाइनल नियुक्ति नहीं हो पाई। इसी बीच नई समय-सारिणी जारी कर दी गई है, जिसमें आगामी वर्ष की पात्रता परीक्षाएं जुलाई–अगस्त में प्रस्तावित हैं। (Recruitment Calendar Issue)
परीक्षाओं का बोझ, परिणामों का इंतजार
मंडल की ओर से अगले साल होने वाली कई परीक्षाओं का शेड्यूल सामने आ चुका है, जबकि पिछली परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्तियां अभी भी कतार में हैं। इससे अभ्यर्थियों को बार-बार एक ही चरण से गुजरना पड़ रहा है—पात्रता, चयन और फिर प्रतीक्षा।
आर्थिक दबाव और मानसिक थकान
लंबी प्रक्रिया के चलते आवेदन शुल्क, दस्तावेज़ सत्यापन और यात्रा जैसे खर्च बार-बार जुड़ रहे हैं। MP Teacher Recruitment Delay का सीधा असर उन उम्मीदवारों पर दिख रहा है, जो वर्षों से केवल नियुक्ति पत्र का इंतजार कर रहे हैं। (Candidate Stress)
वर्ग-3 और वर्ग-2 की अलग-अलग उलझन
वर्ग-3 की अधिसूचना 2022 में आई, पात्रता 2023 में हुई और चयन परीक्षा 2025 में—पर जॉइनिंग अब भी शेष है। वर्ग-2 के अभ्यर्थी भी 2023 से परीक्षाएं दे रहे हैं, लेकिन नियुक्ति की अंतिम तारीख तय नहीं हो सकी।
समयबद्ध समाधान की मांग
अभ्यर्थियों का कहना है कि पुरानी भर्तियों को पूरा किए बिना नई प्रक्रियाएं शुरू करने से भ्रम और दबाव बढ़ता है। मांग साफ है—एक स्पष्ट, समयबद्ध और सरल भर्ती मॉडल, ताकि वर्षों से रुकी नियुक्तियों को जल्द अंजाम मिल सके।





