भिलाईनगर, 28 मार्च। भिलाई इस्पात संयंत्र में आधुनिक तकनीक की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए एमपीटी परीक्षण सुविधा की शुरुआत कर दी गई है।
यूनिवर्सल रेल मिल के रेल वेल्डिंग कॉम्प्लेक्स में 26 मार्च को इस सुविधा का औपचारिक उद्घाटन मुख्य महाप्रबंधक प्रभारी (सेवाएं) तुषारकांत द्वारा किया गया। यह पहल संयंत्र के उच्च प्रबंधन के नेतृत्व और मार्गदर्शन में संभव हो सकी है। इस नई व्यवस्था को (MPT Testing Facility) के रूप में देखा जा रहा है।
RDSO के निर्देशों के अनुसार अनिवार्य हुआ ‘Magnetic Particle Testing’
भारतीय रेलवे के रिसर्च डिजाइन्स एंड स्टैंडर्ड्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा जारी नए दिशा-निर्देशों के तहत अब स्टेशनरी फ्लैश बट वेल्डिंग मशीनों से तैयार रेलों के सभी वेल्ड जोड़ों पर मैग्नेटिक पार्टिकल टेस्टिंग अनिवार्य कर दी गई है।
इसी को ध्यान में रखते हुए भिलाई इस्पात संयंत्र ने तेजी से कदम उठाते हुए इस तकनीक को अपने सिस्टम में शामिल किया है। यह प्रक्रिया (Magnetic Particle Testing) के जरिए रेलों की गुणवत्ता को सुनिश्चित करने में मदद करेगी।
रेलवे आपूर्ति में गुणवत्ता सुनिश्चित, ‘Rail Quality Check’ होगा और सख्त
नई एमपीटी सुविधा के लागू होने से अब भारतीय रेलवे को भेजी जाने वाली रेलों के वेल्ड जोड़ों की जांच और अधिक सटीकता से की जा सकेगी।
इससे न केवल गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित होगा, बल्कि रेल सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी। इस पूरी प्रक्रिया को (Rail Quality Check) के रूप में महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है।
वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी, कई विभागों का रहा योगदान
इस अवसर पर संयंत्र के कई वरिष्ठ अधिकारी और विभिन्न विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परियोजना को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई।
कॉन्ट्रैक्ट सेल, वित्त, आरएसएम, आरसीएल और यूआरएम विभागों के समन्वय से इस सुविधा को समय पर लागू किया जा सका। यह सहयोग संयंत्र की कार्यकुशलता और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।
भविष्य की जरूरतों के अनुसार कदम, तकनीकी उन्नयन की दिशा में आगे बढ़ा बीएसपी
भिलाई इस्पात संयंत्र लगातार नई तकनीकों को अपनाकर अपने उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार कर रहा है।
एमपीटी परीक्षण सुविधा की शुरुआत इसी दिशा में एक अहम पहल है, जो आने वाले समय में भारतीय रेलवे की जरूरतों को बेहतर तरीके से पूरा करने में सहायक साबित होगी।


