सीजी भास्कर, 10 फरवरी। छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं की जीवंत तस्वीर मंगलवार को राजिम में देखने (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) को मिली, जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत राजिम के नवीन मेला मैदान में 283 जोड़ों का सामूहिक विवाह समारोह भव्यता और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक आयोजन के मुख्य अतिथि प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल रहे, जिन्होंने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देकर उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजिम विधायक रोहित साहू ने की।
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में बेटियों का विवाह कई परिवारों के लिए आर्थिक चुनौती बन गया है, लेकिन मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना ने इस चिंता को काफी हद तक दूर (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) किया है। योजना के तहत प्रति जोड़े 50 हजार रुपये की सहायता दी जाती है,
जिसमें से 35 हजार रुपये सीधे वधु के बैंक खाते में ट्रांसफर किए जाते हैं, जबकि शेष 15 हजार रुपये विवाह आयोजन, श्रृंगार सामग्री और अन्य व्यवस्थाओं पर खर्च किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना जरूरतमंद परिवारों को सम्मान के साथ बेटी का विवाह करने का अवसर देती है।
इस सामूहिक विवाह समारोह में राजिम विधानसभा क्षेत्र के 94, बिंद्रानवागढ़ के 181 और कुरूद विधानसभा क्षेत्र के 8 जोड़े शामिल हुए। विधायक रोहित साहू ने इसे सरकार की संवेदनशील और जनहितैषी सोच का प्रतीक बताते हुए कहा कि अब विवाह का खर्च परिवारों पर बोझ नहीं रहा, बल्कि यह एक उत्सव बन गया है। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की।
कलेक्टर बी.एस. उइके ने बताया कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत यह आयोजन प्रदेशभर में एक साथ संपन्न हो रहा है, जिसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किए जाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।
आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों की नई शुरुआत
इस आयोजन की सबसे प्रेरणादायक झलक चार आत्मसमर्पित नक्सली जोड़ों की रही, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा (Mukhyamantri Kanya Vivah Yojana) में कदम रखा। कांकेर, सुकमा और बीजापुर जिलों से आए इन जोड़ों ने विवाह बंधन में बंधकर नई जिंदगी की शुरुआत की। नवदंपतियों ने राज्य सरकार की पुनर्वास नीति की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यधारा में लौटने के बाद उन्हें सम्मान और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद मिली है।
कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक वेदव्रत सिरमौर, जिला पंचायत सीईओ प्रखर चंद्राकर, जिला कार्यक्रम अधिकारी अशोक पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष गौरीशंकर कश्यप, नगर पालिका अध्यक्ष महेश यादव सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान कर रही है, बल्कि सामाजिक एकता, समानता और सामूहिक सहभागिता को भी मजबूत कर रही है। राजिम का यह आयोजन इसी सामाजिक बदलाव का सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया।




