सीजी भास्कर, 20 फरवरी | दुर्ग जिले के जामुल थाना क्षेत्र में साइबर अपराध से जुड़े एक संगठित रैकेट का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक आरोपी “किराए के बैंक खाते” उपलब्ध कराकर अवैध रकम की आवाजाही कराते थे। इस कार्रवाई में (Mule Account Scam) से जुड़े चार अंतरराज्यीय संदिग्ध पकड़े गए।
छापेमारी में बैंकिंग दस्तावेजों का जखीरा
कार्रवाई सीसीएम मेडिकल कॉलेज रोड, कुरूद स्थित एक पीजी के पास की गई। तलाशी में 13 पासबुक, 7 चेकबुक, 18 एटीएम कार्ड, 4 मोबाइल फोन, 12 सिम कार्ड और नकदी बरामद हुई। शुरुआती पड़ताल में सामने आया कि ये संसाधन (Mule Account Scam) में ट्रांजैक्शन रूट करने के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
मुखबिर की सूचना पर दबिश, मौके से गिरफ्तारी
19 फरवरी को मिली पुख्ता सूचना के बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों युवकों को हिरासत में लिया। पूछताछ में अलग-अलग खातों के जरिए रकम निकालने-भेजने की बात सामने आई। जांच अधिकारी मानते हैं कि यह तरीका (Mule Account Scam) के नेटवर्क को ट्रेस करना मुश्किल बना देता है।
कई राज्यों तक फैला कनेक्शन
जब्त खातों का समन्वय पोर्टल पर सत्यापन करने पर केरल, कर्नाटक, बिहार और गुजरात से जुड़ी शिकायतों का लिंक मिला। इससे साफ हुआ कि नेटवर्क अंतरराज्यीय स्तर पर सक्रिय था और अलग-अलग साइबर ठगों के साथ तालमेल में काम कर रहा था। यह पैटर्न (Mule Account Scam) की संगठित प्रकृति की ओर इशारा करता है।
आरोपियों की पहचान और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने मोहम्मद अब्दुला राईन उर्फ अमन (24), हिमांशु पटेल (31), पुट्टा राकेश बाबू (27) और शुभम स्वाई (20) को गिरफ्तार किया है। सभी के खिलाफ बीएनएस की धाराओं में केस दर्ज कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। आगे की जांच (Mule Account Scam) के वित्तीय ट्रेल पर केंद्रित है।
‘म्यूल अकाउंट’ कैसे बनते हैं जाल?
म्यूल अकाउंट वे खाते होते हैं जिन्हें कमीशन या लालच देकर अपराधियों के उपयोग के लिए लिया जाता है। ठगी की रकम पहले इन खातों में आती है, फिर एटीएम/डिजिटल माध्यमों से आगे बढ़ा दी जाती है—इससे असली ठग पर्दे के पीछे रहते हैं और खाता धारक कानूनी जोखिम में फंस जाता है। यही मॉडल (Mule Account Scam) की रीढ़ माना जाता है।
पुलिस की अपील, सावधानी ही सुरक्षा
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या सिम किसी को भी उपयोग के लिए न दें। संदिग्ध कॉल, लालच भरे ऑफर या अकाउंट शेयर करने के दबाव में न आएं—किसी भी शक की सूचना तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें। सतर्कता ही (Mule Account Scam) से बचाव का सबसे मजबूत तरीका है।






