मुंगेली पुलिस ने रास्ता रोककर लूट और हत्या के प्रयास की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में की गई कार्रवाई को Mungeli Robbery Attempt Case में बड़ी सफलता माना जा रहा है। आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
तड़के रास्ता रोककर की गई वारदात
प्रार्थी ताम्रज सिंह (21), निवासी थाना लोरमी क्षेत्र, 2 मार्च की रात करीब 3:30 बजे मोटरसाइकिल से रायपुर के लिए निकला था। सुबह लगभग 4:15 बजे मुंगेली-लोरमी तिराहा के पास तीन युवकों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने उसके गले से सोने का लॉकेट छीना और मोटरसाइकिल की हेडलाइट तोड़ दी। यह घटना अब (Gold Locket Robbery) के रूप में दर्ज की गई है।
गला दबाकर जान से मारने की कोशिश
पीड़ित के अनुसार, एक आरोपी ने उसका गला दबाकर जमीन पर गिरा दिया, जबकि दूसरा साथी घटना का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दे रहा था। किसी तरह वह मौके से जान बचाकर भाग निकला। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। इस संबंध में (BNS Case Registered) के तहत अपराध दर्ज किया गया।
CCTV और तकनीकी साक्ष्य बने आधार
थाना सिटी कोतवाली में अपराध दर्ज कर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में साइबर सेल और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा तैयार “त्रिनयन एप्लिकेशन” में दर्ज सीसीटीवी कैमरों की मदद से आसपास के फुटेज खंगाले गए। तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर सूचना के आधार पर तीनों आरोपियों की पहचान सुनिश्चित की गई। यह कार्रवाई (Mungeli Crime News) में अहम मानी जा रही है।
आरोपियों से बरामद हुआ लॉकेट और मोबाइल
पुलिस ने केशवपुर, मुंगेली निवासी आशीष शिवारे (29), यशवंत रावते (27) और देवेश सोनी (24) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। यशवंत रावते से एक मोबाइल फोन तथा देवेश सोनी से “ऊं” अंकित सोने का लॉकेट बरामद किया गया है।
न्यायिक रिमांड पर भेजे गए आरोपी
गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की आगे भी जांच जारी रहेगी और आवश्यकतानुसार अन्य साक्ष्य जुटाए जाएंगे।





