सीजी भास्कर, 19 सितंबर। परिवार के भीतर छोटे-छोटे झगड़े कभी-कभी इतना बड़ा रूप ले लेते हैं कि उनकी परिणति खून-खराबे में होती है। एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया, जिसमें घरेलू काम को लेकर हुआ विवाद हत्या में बदल गया। बड़ी बहन ने छोटी बहन की जान ले ली और अब अदालत ने आरोपी बहन को उम्रकैद की सजा सुना दी है।
यह पूरी घटना एक हाई-प्रोफाइल हत्या छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से (Murder Case) सामने आई। घर में रोज़मर्रा के कामों को लेकर दोनों बहनों में अक्सर कहासुनी होती थी। एक ही छत के नीचे रहते हुए विवाद इतना गहरा गया कि एक रात बड़ी बहन ने गुस्से में खलबट्टे से छोटी बहन के सिर पर वार कर दिया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
झगड़े से हत्या तक का सफर
24 अप्रैल 2024 की रात करीब 9 बजे, आरोपी नेहा महतो (20 वर्ष) ने अपनी छोटी बहन रंजिता से लौकी छीलने और खाना बनाने के लिए कहा। लेकिन रंजिता ने मना कर दिया। इससे नेहा नाराज़ हो गई और उसने कहा कि अगर खाना नहीं बनाएगी तो खाएगी भी नहीं। थोड़ी देर बाद जब रंजिता ने ताना मारा कि वह खाना खा चुकी है, तो नेहा का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद उसने अपने पिता को दुकान से शक्कर लाने भेजा और मौके का फायदा उठाकर बहन पर हमला कर दिया। यह हमला इतना घातक था कि यह विवाद हत्या (Murder Case) में बदल गया।
खलबट्टे से किया वार
नेहा ने रसोई में रखे लोहे के खलबट्टे से रंजिता के सिर पर जोरदार वार किया। जब रंजिता ने जोर से आवाज की, तो नेहा को डर हुआ कि घरवाले जाग न जाएं। इस डर से उसने दोबारा वार कर दिया। गंभीर चोटों के कारण रंजिता की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद नेहा ने शव को कंबल से ढक दिया और कमरे की लाइट बंद कर दी। पूरी रात वह शव के पास बैठी रही। इस निर्मम वारदात ने हत्या (Murder Case) की जघन्यता को और बढ़ा दिया।
मां और पिता को गुमराह किया
मां जब ड्यूटी पर जाने से पहले उठीं तो नेहा ने उन्हें बताया कि रंजिता पहले ही खाना खा चुकी है और सो गई है। मां के जाने के बाद पूरी रात नेहा शव के पास बैठी रही। अगली सुबह उसने अपने पिता से कहा कि रंजिता को उठाएं। जब पिता कमरे में गए तो उन्होंने बेटी को मृत पाया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मर्ग पंचनामा के बाद हत्या की जांच (Murder Case) शुरू की। पूछताछ के दौरान नेहा पर संदेह गहराया। जब उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।
कोर्ट का फैसला
इस सनसनीखेज मामले की सुनवाई सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार जैन की अदालत में हुई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी नेहा कुमारी महतो को धारा 302 और 201 के तहत दोषी करार दिया। आखिरकार, अदालत ने हत्या (Murder Case) के इस मामले में नेहा को उम्रकैद की सजा सुनाई और उसे जेल भेज दिया गया। यह घटना समाज के लिए एक चेतावनी है कि घरेलू विवादों को हल्के में लेना कितना खतरनाक हो सकता है। छोटी-छोटी बातों को सहनशीलता और संवाद से हल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामले मानसिक तनाव, गुस्से पर काबू न रख पाने और संवादहीनता का नतीजा होते हैं। हत्या (Murder Case) जैसी घटनाएं समाज को झकझोर देती हैं और परिवारिक रिश्तों में संवाद की अहमियत को रेखांकित करती हैं।





