सीजी भस्कर 26 फ़रवरी नारायणपुर। (Narayanpur Maoist dump seized) के तहत जिले में चल रहे नक्सल-विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी मिली है। कुमुराडी क्षेत्र के जंगल-पहाड़ में सघन सर्च के दौरान सुरक्षाबलों ने नक्सलियों का छिपाया हुआ डंप खोज निकाला। कार्रवाई में विस्फोटक सामग्री, हथियारों के पार्ट्स और दैनिक उपयोग की वस्तुएं बरामद हुईं, जिससे इलाके में (counter insurgency operation) को मजबूती मिली है।
विश्वसनीय इनपुट पर हुआ सुनियोजित एडीपी ऑपरेशन
एसपी Robinson Vikas Gudiya ने बताया कि विश्वसनीय सूचना मिलते ही त्वरित और सुनियोजित एडीपी अभियान शुरू किया गया। सीओबी मंदोडा, Indo-Tibetan Border Police की 53वीं बटालियन और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके की एरिया डॉमिनेशन पेट्रोलिंग करते हुए नक्सली ठिकाने तक पहुंच बनाई। इस कार्रवाई ने (area domination patrol) की रणनीति को असरदार साबित किया।
जंगल-पहाड़ में छिपा था विस्फोटकों का डंप
सर्चिंग के दौरान नक्सलियों द्वारा जमीन में दबाकर रखे गए कई पैकेट मिले, जिनमें प्राइमा कॉर्ड, सेफ्टी फ्यूज और बड़ी मात्रा में विस्फोटक पाउडर शामिल था। मौके से इम्प्रोवाइज्ड हथियारों के पार्ट्स भी मिले, जो (improvised explosive devices) तैयार करने में इस्तेमाल होते थे। इससे साफ है कि इलाके में किसी बड़ी वारदात की तैयारी की जा रही थी।
बरामद हथियारों ने खोली नक्सली तैयारी की परतें
डंप से इम्प्रोवाइज्ड रॉकेट लॉन्चर, मोर्टार सेल, बीजीएल लॉन्चर और लंबी-छोटी दूरी के बीजीएल राउंड बरामद हुए। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक यह सामग्री (illegal arms cache) की श्रेणी में आती है और इसका इस्तेमाल सुरक्षाबलों पर हमले के लिए किया जा सकता था।
मेडिकल और दैनिक उपयोग की सामग्री भी मिली
हथियारों के साथ बड़ी मात्रा में दवाइयां और दैनिक जरूरत का सामान भी मिला, जो नक्सली दस्तों की लंबे समय तक जंगल में मौजूदगी की ओर इशारा करता है। अधिकारियों का मानना है कि यह डंप (logistics support for insurgents) का अहम हिस्सा था, जिसे ध्वस्त कर नेटवर्क की सप्लाई लाइन कमजोर की गई है।
इलाके में निगरानी बढ़ी, ऑपरेशन जारी
कार्रवाई के बाद कुमुराडी और आसपास के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। सुरक्षाबल संभावित मूवमेंट को रोकने के लिए लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं। (anti maoist campaign) के तहत अन्य ठिकानों की तलाश भी जारी है, ताकि क्षेत्र को स्थायी रूप से सुरक्षित बनाया जा सके।






