National Herald FIR मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने ताज़ा शिकायत के आधार पर एक नई FIR दर्ज करते हुए राजनीतिक हलकों में गहरी हलचल पैदा कर दी है।
कथित आरोपों के अनुसार, एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड की लगभग 2000 करोड़ रुपये की संपत्ति को सिर्फ 50 लाख रुपये में अपने नियंत्रण में लेने की योजना बनाई गई थी, जो अब जांच का केंद्रीय बिंदु है।
PMLA प्रावधान का इस्तेमाल, रिपोर्ट साझा होते ही केस दर्ज
एजेंसी द्वारा दर्ज की गई यह FIR 3 अक्टूबर की उस शिकायत से उपजी है, जिसे प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA की धारा 66(2) (PMLA Section Disclosure) के तहत दिल्ली पुलिस को भेजा था।
इसी कानूनी व्यवस्था का उपयोग करते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और तीन कंपनियों के नाम इस कार्रवाई में जोड़े हैं।
National Herald FIR: FIR में नामजद नेता और कंपनियां, आरोपों की नई फेहरिस्त
National Herald FIR में नेताओं के साथ-साथ AJL, यंग इंडियन और डोटेक्स मर्चेंडाइज प्राइवेट लिमिटेड जैसी कंपनियों को भी शामिल किया गया है।
कहा जा रहा है कि जांच एजेंसियां Asset Acquisition Pattern का मिलान कर रही हैं और उठाए गए कदम उसी दिशा में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
कांग्रेस का जवाब—राजनीतिक प्रेरणा, विपक्ष का हमला पहले जैसा
कांग्रेस की ओर से इन आरोपों को लगातार राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ विपक्ष इस मामले को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं का संकेत मानता रहा है।
पार्टी का कहना है कि यह मामला हमेशा से ही “गलत समझ और गलत मंशा” के आधार पर आगे बढ़ाया गया है, हालांकि जांच एजेंसियां अपनी प्रक्रिया के अनुरूप आगे बढ़ रही हैं।
National Herald FIR: शेयरधारकों से पूछताछ की तैयारी, अदालत में भी लंबित फैसला
मामले से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में AJL के शेयरधारकों और कुछ अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा सकती है। इसके साथ ही अदालत में पहले से दाखिल चार्जशीट पर भी सुनवाई लंबित है, जो कोर केस पर बड़ा प्रभाव डाल सकती है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि देश की संस्थागत पारदर्शिता—Institutional Transparency Check सर्वोच्च प्राथमिकता में है।
