सीजी भास्कर 30 जनवरी Navdha Bhakti Katha Raipur : रायपुर में आगामी दिनों में आध्यात्मिक चेतना और भक्ति भाव का विशेष वातावरण बनने जा रहा है। श्री सीमेंट लिमिटेड के तत्वावधान में 31 जनवरी और 1 फरवरी 2026 को विश्वविख्यात संत स्वामी गोविंद देवगिरी जी महाराज के श्रीमुख से नवधा भक्ति कथा का आयोजन किया जाएगा। इस दो दिवसीय कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और साधकों के शामिल होने की संभावना है।
भक्ति, मनन और श्रीराम की शिक्षाओं पर केंद्रित कथा
इस आयोजन के माध्यम से श्रद्धालुओं को प्रभु श्रीराम की जीवन दृष्टि, मर्यादा और भक्ति मार्ग को गहराई से समझने का अवसर मिलेगा। नवधा भक्ति के नौ स्वरूपों पर आधारित यह कथा न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत करेगी, बल्कि जीवन में संयम, सेवा और सकारात्मक सोच को अपनाने की प्रेरणा भी देगी। आयोजकों के अनुसार, कथा स्थल पर शांत, अनुशासित और साधनामय वातावरण बनाए रखने की विशेष व्यवस्था की जा रही है।
स्वामी गोविंद देवगिरी महाराज का आध्यात्मिक योगदान
स्वामी गोविंद देवगिरी जी महाराज देश के प्रमुख आध्यात्मिक विचारकों में गिने जाते हैं। वे न केवल धर्मग्रंथों के गहन ज्ञाता हैं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संवाहक भी हैं। श्रीमद्भागवत, रामायण और हनुमान चरित्र पर आधारित उनकी कथाएं सरल भाषा में गूढ़ संदेश देती हैं, जिससे हर वर्ग का श्रोता सहज रूप से जुड़ पाता है।
जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर
स्वामी जी की कथाओं की विशेषता यह है कि वे भक्ति को केवल पूजा तक सीमित नहीं रखते, बल्कि उसे दैनिक जीवन से जोड़ते हैं। उनके विचार श्रद्धा, धैर्य और निःस्वार्थ कर्म पर आधारित होते हैं, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की दिशा दिखाते हैं। यही कारण है कि उनकी कथाओं में युवा, गृहस्थ और वरिष्ठ नागरिक सभी बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
आयोजन को लेकर आयोजक की सोच
श्री सीमेंट लिमिटेड के प्रबंधन का मानना है कि ऐसे आयोजनों से समाज में सांस्कृतिक और नैतिक चेतना को बल मिलता है। कंपनी के अनुसार, यह कथा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आत्मचिंतन और सामाजिक उत्तरदायित्व से जुड़ने का माध्यम है। आयोजन के दौरान अनुशासन, स्वच्छता और भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी।
श्रद्धालुओं में दिख रहा उत्साह
कार्यक्रम की घोषणा के बाद से ही श्रद्धालुओं के बीच उत्साह देखा जा रहा है। बड़ी संख्या में लोग इस नवधा भक्ति कथा में शामिल होकर आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव करना चाहते हैं। आयोजन को लेकर शहर के विभिन्न हिस्सों में चर्चा तेज है और भक्त इसे एक दुर्लभ आध्यात्मिक अवसर मान रहे हैं।




