आशुतोष सिंह – गरियाबंद : Naxal Arms Cache Exposed : गरियाबंद जिले में नक्सल विरोधी अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। ओडिशा सीमा से सटे दुर्गम पहाड़ी इलाकों में माओवादियों द्वारा छिपाकर रखा गया हथियारों और विस्फोटक सामग्री का जखीरा सामने आया है। यह कार्रवाई मैनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई, जहां लंबे समय से नक्सली गतिविधियों की आशंका बनी हुई थी।
36 घंटे चला सर्च अभियान
संयुक्त पुलिस बल की ई-30 ऑप्स टीम ने घने जंगलों और पहाड़ी श्रृंखलाओं में लगातार 36 घंटे तक सघन तलाशी अभियान चलाया। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद टीम ने कई संदिग्ध ठिकानों को खंगाला और अंततः माओवादियों के गुप्त डम्प तक पहुंच बनाई।

आत्मसमर्पित नक्सलियों से मिली अहम जानकारी
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण सुराग मिले थे। इन इनपुट्स में बताया गया था कि प्रतिबंधित संगठन की ओडिशा स्टेट कमेटी ने सीमावर्ती पहाड़ियों में हथियार और तकनीकी उपकरण छिपाकर रखे हैं। इसी सूचना के आधार पर ऑपरेशन को अंजाम दिया गया।
छह ठिकानों से बरामद हुआ हथियारों का जखीरा
सर्च ऑपरेशन के दौरान छह अलग-अलग स्थानों से भारी मात्रा में हथियार और सामग्री बरामद की गई। इसमें इंसास राइफल, .303 राइफल, 12 बोर बंदूकें, देशी कट्टे, बीजीएल लॉन्चर, सिंगल शॉट हथियार, बड़ी संख्या में जिंदा कारतूस, मैगजीन और बीजीएल सेल शामिल हैं। साथ ही इलेक्ट्रिक वायर और अन्य तकनीकी सामान भी मिला है।

हथियार मरम्मत और निर्माण का संकेत
बरामद सामग्री से यह संकेत मिला है कि पहाड़ियों में माओवादियों की एक गुप्त टेक्निकल यूनिट सक्रिय थी। यहां हथियारों की मरम्मत के साथ-साथ आईईडी और अन्य विस्फोटक उपकरण तैयार किए जाने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस का मानना है कि यह पूरा नेटवर्क संगठन के वरिष्ठ कैडर की निगरानी में संचालित हो रहा था।
कमजोर पड़ता माओवादी नेटवर्क
गरियाबंद जिले में पिछले डेढ़ साल से चल रहे नक्सल उन्मूलन अभियान “ऑपरेशन विराट” का असर अब साफ नजर आने लगा है। लगातार कार्रवाई और आत्मसमर्पण के चलते माओवादी नेटवर्क की लॉजिस्टिक और ऑपरेशनल क्षमता पर बड़ा असर पड़ा है।

एक साल में बड़ी बरामदगी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक वर्ष 2025-26 के दौरान अब तक जिले में 50 से अधिक हथियार, सैकड़ों कारतूस और कई ऑटोमेटिक राइफल जब्त की जा चुकी हैं। इसके अलावा बड़ी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी पकड़ी गई है, जिससे नक्सलियों की हिंसक क्षमता को गहरा झटका लगा है।
शांति और विकास की ओर कदम
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से सीमावर्ती इलाकों में नक्सली गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हुआ है। आने वाले दिनों में भी सर्च ऑपरेशन जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में स्थायी शांति बनी रहे और विकास कार्य बिना बाधा के आगे बढ़ सकें।




