बीजापुर के घने जंगलों में छिपा हुआ एक बड़ा राज उस वक्त सामने आया, जब आत्मसमर्पण कर चुके नक्सलियों की निशानदेही पर सुरक्षा बलों ने कार्रवाई की। (Naxal Dump Bijapur) के तहत करीब 7 किलो सोना और लगभग 3 करोड़ रुपए नकद बरामद किए गए हैं। अधिकारियों के मुताबिक कुल जब्ती का आंकड़ा 14 करोड़ रुपए के आसपास पहुंचता है, जिसे अब तक का सबसे बड़ा नक्सली डंप माना जा रहा है।
हथियारों के साथ 34 नक्सलियों ने छोड़ा जंगल
इस कार्रवाई के साथ ही (Surrender Naxals Chhattisgarh) के तहत बड़ी संख्या में नक्सलियों ने मुख्यधारा में लौटने का फैसला लिया है। बीजापुर में दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 25 नक्सलियों ने 93 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया, जिनमें 12 महिला कैडर भी शामिल हैं। वहीं दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में 9 अन्य नक्सलियों ने हथियार डाल दिए, इस तरह कुल संख्या 34 तक पहुंच गई।
इनामी और सक्रिय कैडर शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में कई ऐसे चेहरे शामिल हैं, जो लंबे समय से नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। (Maoist Network Exposure) के दौरान यह भी सामने आया कि इन सभी पर कुल मिलाकर 1.47 करोड़ रुपए का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियां अब इनसे मिली जानकारी के आधार पर नेटवर्क की बाकी कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं।
दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर में भी असर
बीजापुर के साथ-साथ दंतेवाड़ा, सुकमा और कांकेर जिलों में भी इस अभियान का असर देखने को मिला। सुकमा में आत्मसमर्पण करने वाली महिला नक्सलियों के पास से नकदी और हथियार भी बरामद किए गए। (Anti Naxal Operation) का यह व्यापक असर पूरे बस्तर संभाग में महसूस किया जा रहा है।
2024 से अब तक करोड़ों की जब्ती
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 1000 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। इस दौरान कई बार बड़े पैमाने पर नकदी और सोने के डंप बरामद हुए हैं। अब तक कुल 19 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है, जो नक्सली फंडिंग पर बड़ा प्रहार माना जा रहा है।
दंतेवाड़ा को नक्सल मुक्त घोषित करने का दावा
दंतेवाड़ा जिले को लेकर पुलिस ने नक्सल मुक्त होने का दावा किया है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अब हालात सामान्य हो रहे हैं और विकास कार्यों में तेजी आई है। हालांकि कांकेर के कुछ इलाकों में अब भी नक्सली सक्रिय बताए जा रहे हैं, जिनसे संपर्क कर उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
नक्सलवाद के अंत की ओर देश
केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने हाल ही में कहा है कि देश में नक्सलवाद लगभग खत्म हो चुका है। उनके मुताबिक सरकार द्वारा तय लक्ष्य काफी हद तक हासिल कर लिया गया है और बस्तर क्षेत्र में विकास कार्यों के चलते नक्सली गतिविधियों में भारी कमी आई है।


