सीजी भास्कर, 19 फरवरी। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में पांच नक्सली (Naxal Encounter Chhattisgarh) मारे गए हैं। जंगल क्षेत्र में नक्सलियों द्वारा सुरक्षाबलों पर की गई फायरिंग के बाद जवानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उन्हें ढेर कर दिया। इस कार्रवाई के बाद इलाके में सर्च ऑपरेशन और तेज कर दिया गया है।
बीजापुर जिले में नक्सल विरोधी अभियान लगातार जारी है और सुरक्षाबल नक्सलियों के नेटवर्क को कमजोर करने के लिए व्यापक स्तर पर कार्रवाई कर रहे हैं। पिछले चार दिनों के दौरान सुरक्षाबलों ने 214 नक्सली ठिकानों और बंकरों को ध्वस्त करने में सफलता हासिल की है। इस दौरान भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है, जो नक्सलियों की गतिविधियों के लिए उपयोग की जा रही थी।
सुरक्षाबलों ने अभियान के दौरान 450 आईईडी, 818 बीजीएल शेल, 899 बंडल कोडेक्स, डेटोनेटर सहित अन्य विस्फोटक सामग्री जब्त की है। इसके अलावा करीब 12 हजार किलो खाद्य सामग्री भी बरामद (Naxal Encounter Chhattisgarh) की गई है, जिससे यह संकेत मिलता है कि नक्सली लंबे समय तक जंगलों में रहने और अभियान चलाने की तैयारी में थे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पूरे क्षेत्र में सघन सर्चिंग अभियान जारी है और नक्सलियों के संभावित ठिकानों पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक केंद्र सरकार द्वारा मार्च 2026 तक नक्सलवाद समाप्त करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए यह अभियान और तेज किया गया है। खुफिया जानकारी के अनुसार चार शीर्ष नक्सली कमांडरों समेत करीब 300 नक्सली सुरक्षाबलों के निशाने पर हैं। इनमें प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के केंद्रीय समिति के सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ भास्कर, देवजी उर्फ कुंभा दादा उर्फ चेतन, राममन्ना उर्फ गणपति उर्फ लक्ष्मण राव और मल्लाह राजा रेड्डी उर्फ सागर जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि नक्सलियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और उन्हें आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया (Naxal Encounter Chhattisgarh) जा रहा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा तक नक्सल नेटवर्क को समाप्त करने के लिए सुरक्षाबल पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।






