Naxal Surrender Bastar 2026 : Bastar क्षेत्र में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी सफलता मिली है। तय समयसीमा से पहले ही कुख्यात नक्सली पापाराव ने अपने 18 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया। सुरक्षा एजेंसियां इसे बस्तर में शांति की दिशा में एक अहम मोड़ मान रही हैं।
कौन है पापाराव? संगठन में थी मजबूत पकड़
पापाराव उर्फ मंगू, Sukma का निवासी है और नक्सल संगठन में उसकी अहम भूमिका रही है। वह पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी का इंचार्ज और दक्षिण सब जोनल ब्यूरो का सदस्य था। लंबे समय से वह सुरक्षा बलों के लिए चुनौती बना हुआ था।
कुटरू थाने में सरेंडर, भारी मात्रा में हथियार बरामद
जानकारी के मुताबिक, पापाराव अपने साथियों के साथ Bijapur जिले के कुटरू थाने पहुंचा, जहां से सभी को Jagdalpur लाया गया। इस दौरान नक्सलियों के पास से 8 एके-47, एक एसएलआर और एक इंसास राइफल सहित अन्य हथियार बरामद किए गए हैं।
महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी, 18 में 8 महिला नक्सली शामिल
आत्मसमर्पण करने वालों में 10 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल हैं, जो संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। इसे नक्सल संगठन के भीतर बदलते हालात का संकेत भी माना जा रहा है।
पश्चिम बस्तर डिवीजन को लगा बड़ा झटका
पापाराव के सरेंडर को नक्सल संगठन के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है। इससे पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी लगभग खत्म होने की कगार पर पहुंच गई है। पिछले कुछ समय से लगातार हो रहे सरेंडर और एनकाउंटर ने संगठन की कमर तोड़ दी है।
एक साल में लगातार कमजोर हुआ नक्सल नेटवर्क
बीते एक साल में कई बड़े नक्सली या तो मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण किया है। इससे इलाके में माओवाद के प्रभाव में तेजी से गिरावट देखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, अब नक्सल नेटवर्क पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुका है।
नक्सल मुक्त बस्तर की ओर बड़ा कदम
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इस सरेंडर के बाद बस्तर क्षेत्र में नक्सल गतिविधियों पर और मजबूत नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा। इसे नक्सल मुक्त बस्तर की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।


