Naxal Surrender Policy Chhattisgarh : छत्तीसगढ़ से नक्सलवाद की जड़ें पूरी तरह उखाड़ने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सरकार अब एक अभिनव रणनीति पर काम कर रही है। राज्य के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने घोषणा की है कि सरकार केवल जंगलों में सक्रिय नक्सलियों के आत्मसमर्पण तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अब जेलों में बंद माओवादियों को भी मुख्यधारा में लाने के लिए एक विशेष पुनर्वास योजना तैयार की जा रही है।
जेलों से मुख्यधारा की ओर एक कदम
सरकार की इस नई योजना के तहत उन नक्सलियों को प्राथमिकता दी जाएगी जो छोटी-मोटी घटनाओं में शामिल रहे हैं और वर्तमान में प्रदेश की विभिन्न जेलों में कैद हैं। डिप्टी सीएम के मुताबिक, सरकार इन माओवादियों के कानूनी प्रकरणों की समीक्षा कर उन्हें वापस लेने और उनके पुनर्वास की दिशा में ठोस कदम उठाएगी। इसका उद्देश्य जेल की सलाखों के पीछे बंद युवाओं को सामान्य जीवन जीने का एक और मौका देना है।
बस्तर ओलंपिक और पंडुम भी रणनीति का हिस्सा
विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि छत्तीसगढ़ की पुनर्वास नीति केवल कागजी पुलिंदा या इनाम की राशि तक सीमित नहीं है। इसमें ‘बस्तर ओलंपिक’ और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे सांस्कृतिक व खेल आयोजनों को भी शामिल किया गया है ताकि लोगों का जुड़ाव समाज से बढ़े। सरकार का मानना है कि यदि जंगलों से नक्सलियों का हृदय परिवर्तन कर उन्हें वापस लाया जा सकता है, तो जेलों में बंद कैदियों के लिए भी यह प्रक्रिया अपनाई जा सकती है।
पैरोल और प्रेरणा से बदलेगी कैदियों की दुनिया
पुनर्वास के अगले चरण में जेलों में बंद माओवादियों को पैरोल पर बाहर निकालकर पुनर्वास केंद्रों में लाया जाएगा। यहां उनका मिलन उन पूर्व नक्सलियों से कराया जाएगा जो पहले ही आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन बिता रहे हैं। यह ‘पीयर-टू-पीयर’ मोटिवेशन तकनीक उन्हें आत्मसमर्पण के लिए प्रेरित करेगी। इसके बाद सरकार उनकी कानूनी जमानत के लिए सहयोग करेगी ताकि वे केंद्र में रहकर समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें।
नक्सलवाद के खिलाफ आंकड़ों की गवाही
बीते दो वर्षों के दौरान सुरक्षाबलों के अभियानों में 500 से अधिक माओवादी मारे गए हैं और लगभग 3000 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण कर पुनर्वास का रास्ता चुना है। इसके अतिरिक्त, करीब 2000 माओवादियों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं। सरकार की इस नई ‘जेल पुनर्वास योजना’ से उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में बस्तर संभाग में शांति बहाली की प्रक्रिया को और अधिक गति मिलेगी।


