सीजी भास्कर, 30 मार्च। देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने की दिशा में आज अहम मोड़ देखने (Naxalism Debate Lok Sabha 2026) को मिल रहा है। लोकसभा में नक्सलमुक्त भारत पर महत्वपूर्ण चर्चा होने जा रही है, ठीक उस समय जब केंद्र सरकार की तय डेडलाइन 31 मार्च 2026 में अब केवल एक दिन शेष रह गया है।
छत्तीसगढ़ रहेगा चर्चा का केंद्र
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने स्पष्ट कहा कि इस राष्ट्रीय बहस में छत्तीसगढ़ का उल्लेख प्रमुखता से होगा। उन्होंने बताया कि चार दशक से अधिक समय तक नक्सलवाद राज्य के विकास में सबसे बड़ा अवरोध बना रहा, लेकिन अब हालात तेजी से बदल रहे हैं और निर्णायक सफलता की ओर बढ़ रहे हैं।
नियम 193 के तहत होगी बहस
यह चर्चा नियम 193 के तहत हो रही है, जिसके अंतर्गत अल्पकालिक बहस (Naxalism Debate Lok Sabha 2026) होती है। इसमें मतदान नहीं होता, लेकिन सरकार को जवाब देना अनिवार्य होता है। माना जा रहा है कि सरकार इस दौरान नक्सल विरोधी अभियान की उपलब्धियों और भविष्य की रणनीति दोनों पर विस्तार से बात रखेगी।
एयर कनेक्टिविटी में तेजी
मुख्यमंत्री साय ने प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार को लेकर भी जानकारी दी। अंबिकापुर से दिल्ली और कोलकाता के लिए नई उड़ान सेवा शुरू की जा रही है। वहीं बिलासपुर में नाइट लैंडिंग और टेक-ऑफ की सुविधा शुरू होने से कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी।
चंदखुरी में श्रीराम की प्रतिमा स्थापना
साय ने बताया कि चंदखुरी में भगवान श्रीराम की प्रतिमा पहुंच चुकी है और जल्द ही शुभ मुहूर्त में स्थापना की जाएगी। यह पहल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
‘गांव चलो अभियान’ की शुरुआत
भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस (6 अप्रैल) से ‘गांव चलो अभियान’ शुरू (Naxalism Debate Lok Sabha 2026) किया जाएगा, जो 14 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर लोगों से सीधा संवाद करेंगे।
खाद और ईंधन पर सरकार का भरोसा
पश्चिम एशिया की स्थिति के बीच मुख्यमंत्री ने खाद, गैस और ईंधन की आपूर्ति को लेकर आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि नैनो डीएपी और नैनो यूरिया का पर्याप्त स्टॉक रखा जाएगा और किसानों को किसी भी तरह की कमी नहीं होने दी जाएगी।


