सीजी भास्कर, 20 नवंबर। नेपाल में एक बार फिर Gen-Z आंदोलन भड़क (Nepal Gen-Z) उठा है, इस दौरान कई जगह हिंसाएं और आगजनी देखी जा रही है। इस बार आंदोलनकारियों का गुस्सा यूएमएल नेता महेश बस्नेत के खिलाफ है, उन पर आरोप है कि महेश ने पहले हुए Gen-Z आंदोलन के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का समर्थन किया था, इसे लेकर इलाके में पहले से ही तनाव का माहौल बना हुआ था। अबकी बार आंदोलन के केंद्र में बारा जिला है। बीते दिनों में सेमरा एयरपोर्ट के बाहर विरोध प्रदर्शन देखा गया।
आपको बता दें जेन जेड़ (Nepal Gen-Z) आंदोलन से पिछले कई महीनों से नेपाल में राजनीतिक अस्थिरता बनी हुई है। युवाओं की राजनीतिक पारदर्शिता, रोजगार और शासन सुधार से जुड़ी मांगों को लेकर जेड़ आंदोलन शुरुआत हुई है। हालांकि पहला आंदोलन अंतिम सरकार के बाद समाप्त हो गया था,लेकिन अब ये नया आंदोलन UML नेता महेश बस्नेत का पुराने आंदोलन के समय सत्ता पक्ष का साथ देना, युवाओं में विशेष नाराजगी का कारण हो रहा है।
जानकारी के मुताबिक UML नेता शंकर पौडेल और महेश बस्नेत एक राजनीतिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बारा जिले के लिए आने वाले थे, लेकिन उनके आगमन की घोषणा के तुरंत बाद ही Gen-Z समर्थक सड़कों पर उतर आए और सेमरा हवाई अड्डे को घेर लिया। यहां भारी भीड़ देखी गई।
(Nepal Gen-Z) कर्फ्यू के आदेश दिए
एयरपोर्ट प्रबंधन ने स्थिति बेकाबू देखेते हुए एयरपोर्ट पर सुरक्षा बढ़ा दी। हालात बिगड़ते देख व बढ़ते विरोध और जन-उपद्रव की आशंका के कारण जिलाधिकारी धर्मेंद्र कुमार मिश्र ने तात्कालिक रूप से कर्फ्यू के आदेश दिए। सेमरा एयरपोर्ट और उसके आसपास के पूरे इलाके में दोपहर 12:30 बजे से रात 8 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा।
प्रशासन हालातों पर पूरी नजर बनाए हुए है और कर्फ्यू के दौरान किसी भी तरह की समूह गतिविधि या सार्वजनिक जुटान पर प्रतिबंध लागू रहेगा, यदि हालात नहीं सुधरे, तो कर्फ्यू बढ़ाया भी जा सकता है। प्रशासन ने कर्फ्यू लागू होने के बाद सेमरा एयरपोर्ट की सभी फ्लाइट रद्द कर दीं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यह निर्णय जनहित और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक था। इससे कई यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।





