दिल्ली धमाके की पड़ताल ने सुरक्षा एजेंसियों को एक ऐसे Network Investigation की ओर ले आया है, जिसकी परतें खुलने के साथ कई चौंकाने वाले नाम सामने आ रहे हैं। लखनऊ की रहने वाली डॉ. शाहीन के मोबाइल डेटा, बातचीत के पैटर्न और संदिग्ध संपर्कों की बारीकी से जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क की सक्रियता और उसमें उनकी भूमिका को समझा जा सके।
सुरक्षित चैट प्लेटफॉर्म पर हुआ था संवाद
जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि डॉ. शाहीन को एक महिला इकाई तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। एजेंसियों के अनुसार इस महिला इकाई को एक खास उद्देश्य से जोड़ा गया था, और इसके संचालन के लिए बेहद सुरक्षित मैसेजिंग ऐप्स का उपयोग किया गया।
यह पूरा गतिविधि समूह “Covert Network” की तरह काम करता था, जिसमें सदस्य अपनी लोकेशन साझा करने से बचते थे और कई बार केवल कोड वर्ड्स के जरिये संवाद करते थे।
उत्तराखंड में ट्रेस हुई संदिग्ध लोकेशन
तकनीकी जांच में कुछ मोबाइल लोकेशन उत्तराखंड में सक्रिय पाई गईं। इसके बाद यूपी एटीएस की एक टीम तुरंत वहां भेजी गई। वहां कई ठिकानों पर छानबीन जारी है, जहाँ स्थानीय स्तर पर मिले संकेतों ने जांच को और तेज कर दिया है।
एजेंसियां अब उन सभी व्यक्तियों की पहचान जुटा रही हैं, जो इस कथित “Suspicious Network” से किसी भी रूप में जुड़े हुए थे।
महिला नेटवर्क और धर्मांतरण लिंक की भी पड़ताल
सूत्रों का कहना है कि यह कार्रवाई केवल धमाके की योजना भर की जांच नहीं है, बल्कि उससे जुड़े समानांतर महिला नेटवर्क और संभावित धर्मांतरण कड़ियों को भी समझने का बड़ा प्रयास है।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यदि इस “Hidden Network ” के सभी लिंक सामने आ जाते हैं, तो भविष्य में कई संभावित खतरे रोके जा सकते हैं।
एजेंसियों की प्राथमिकता—पूरी चेन को तोड़ना
इस समय जांच का सबसे अहम लक्ष्य यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क का असल मास्टरमाइंड कौन था और किस तरह से यह विभिन्न राज्यों में सक्रिय हुआ।
अधिकारियों का कहना है कि हर कॉल रिकॉर्ड, हर डिजिटल सुराग और हर पुरानी गतिविधि को जोड़कर एक बड़े पैटर्न की तलाश की जा रही है, ताकि पूरी चेन को तोड़ा जा सके।





