सीजी भास्कर, 9 जनवरी। नेशनल हाईवे-30 पर शुक्रवार तड़के एक बड़ा सड़क हादसा सामने आया, जब बालोदगहन के पास आयरन ओर और सीमेंट से लदे दो भारी ट्रकों की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। यह (NH-30 Truck Accident) सुबह करीब चार बजे हुआ, जब इलाके में घना कोहरा और धुंध छाई हुई थी। दृश्यता बेहद कम होने के कारण दोनों ट्रक चालक एक-दूसरे को समय रहते देख नहीं सके और तेज रफ्तार के चलते टक्कर टालना संभव नहीं हो पाया।
हादसे के तुरंत बाद हाईवे पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों ट्रक बुरी तरह क्षतिग्रस्त होकर सड़क के बीचोंबीच फंस गए, जिससे नेशनल हाईवे-30 पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। इस (NH-30 Truck Accident) के कारण कई किलोमीटर तक जाम की स्थिति बन गई और राहगीरों, बस यात्रियों व मालवाहक वाहनों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
घटना बालोद जिले के पुरूर थाना क्षेत्रांतर्गत ग्राम बालोदगहन के पास की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ट्रक विपरीत दिशा से आ रहे थे और गति काफी अधिक थी। कोहरे के कारण सामने से आ रहे वाहन का सही अंदाजा नहीं लग पाया और कुछ ही पलों में दोनों ट्रक आमने-सामने टकरा गए। इस (NH-30 Truck Accident) में राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और न ही किसी के गंभीर रूप से घायल होने की सूचना है।
सूचना मिलते ही पुरूर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को संभालने में जुट गई। पुलिस कर्मियों ने तत्काल हाईवे पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया और सुरक्षा के मद्देनज़र अतिरिक्त बल तैनात किया गया। जाम हटाने और यातायात बहाल करने के लिए क्षतिग्रस्त ट्रकों को सड़क से हटाने का काम शुरू किया गया। इसके लिए क्रेन मंगवाई गई, ताकि इस (NH-30 Truck Accident) के बाद अवरुद्ध हुए मार्ग को जल्द से जल्द साफ किया जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हादसे के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक तौर पर कोहरा, कम दृश्यता और तेज रफ्तार को मुख्य वजह माना जा रहा है। फिलहाल वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से डायवर्ट कर यातायात को धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है। इस (NH-30 Truck Accident) ने एक बार फिर हाईवे पर सुरक्षा व्यवस्था और सावधानीपूर्वक ड्राइविंग की जरूरत को उजागर कर दिया है।
नेशनल हाईवे-30 पर भारी वाहनों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। ऐसे में कोहरे, धुंध और रात के समय तेज गति से वाहन चलाना बड़े हादसों को न्योता देता है। प्रशासन और वाहन चालकों दोनों को सतर्क रहने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।


