सीजी भास्कर, 17 सितंबर। NHM संविदा कर्मचारियों की हड़ताल को पूरे एक महीने हो चुके हैं। सरकार ने 16 सितंबर तक सभी कर्मियों को काम पर लौटने का फाइनल अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों ने हड़ताल (NHM Strike Termination) खत्म करने से इनकार कर दिया। इसी के चलते सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए बुधवार को सूरजपुर में 594 कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर दी।
इससे पहले 16 सितंबर को बलौदाबाजार और कोरबा में भी कार्रवाई की गई थी। बलौदाबाजार के 160+ और कोरबा के लगभग 21 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गईं। बावजूद इसके NHM कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रोटेस्ट (NHM Strike Termination) जारी रखे हुए हैं। कल रायपुर में जेल भरो आंदोलन होगा, जिसमें लगभग 10 हजार कर्मचारी शामिल होने की तैयारी में हैं।
बता दें कि कर्मचारी 10 सूत्रीय मांगों पर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें से पांच पर मौखिक सहमति बनी है, लेकिन बाकी पांच पर राज्य सरकार ने अपना पक्ष स्पष्ट नहीं किया। कर्मचारियों का कहना है कि सिर्फ मौखिक आश्वासन (NHM Strike Termination) से काम नहीं चलेगा, सभी 10 मांगों को लिखित में पूरा करना होगा।
इस बीच स्टेट लीडरशिप ने तय किया है कि गुरुवार को संभाग स्तर पर जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के लगभग 10 हजार कर्मचारी आंदोलन (NHM Strike Termination) का हिस्सा बनेंगे। वहीं बुधवार को कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन भी मनाया।
सरकारी सख्ती से पहले ही NHM कर्मचारी सामूहिक इस्तीफे दे चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग ने 3 सितंबर को 25 कर्मचारियों को बर्खास्त किया था, जिनमें NHM संविदा कर्मचारी संगठन के प्रदेश संरक्षक हेमंत सिन्हा और महासचिव कौशलेश तिवारी भी शामिल थे। इसके बाद से विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया है। स्वास्थ्य सेवाएं अब ठप होने की कगार पर हैं।
794 NHM कर्मियों की सेवा समाप्त
छत्तीसगढ़ सरकार ने हड़ताल पर अड़े NHM संविदा कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। सूरजपुर में 594, बलौदाबाजार में 160+ और कोरबा में 21 कर्मचारियों को सेवा से बाहर कर दिया गया है। सरकार ने पहले ही 16 सितंबर तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन कर्मचारियों ने मांगों पर अड़े रहने का फैसला किया। इसके बाद बुधवार को सामूहिक रूप से सेवाएं समाप्त करने का आदेश जारी किया गया।
रायपुर में होगा जेल भरो आंदोलन
बर्खास्तगी के बावजूद NHM कर्मचारी आंदोलन और तेज कर रहे हैं। गुरुवार को राजधानी रायपुर के तूता धरना स्थल पर जेल भरो आंदोलन आयोजित किया जाएगा। इसमें रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर संभाग के करीब 10 हजार कर्मचारी शामिल होंगे। कर्मचारी संगठन का कहना है कि उनकी 10 सूत्रीय मांगों में से पांच पर मौखिक सहमति बनी है, लेकिन शेष मांगों पर सरकार चुप्पी साधे हुए है। आंदोलनकारियों का कहना है कि केवल लिखित समझौता ही मान्य होगा।


