सीजी भास्कर, 30 मार्च। बिहार की राजनीति में उस वक्त हलचल तेज (Nitin Nabin Resignation) हो गई जब नितिन नवीन के इस्तीफे को लेकर चल रही अटकलों पर अचानक विराम लग गया। बांकीपुर से विधायक रहे नितिन नवीन ने अपना इस्तीफा सीधे नहीं, बल्कि पार्टी के जरिए विधानसभा तक भिजवाकर सस्पेंस खत्म कर दिया।
सरावगी के जरिए पहुंचा इस्तीफा (Nitin Nabin Resignation)
नितिन नवीन ने अपना इस्तीफा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी को सौंपा था। इसके बाद सरावगी ने विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार को पत्र सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। इसके साथ ही उनकी विधायकी औपचारिक रूप से समाप्त हो गई।
राज्यसभा की ओर बढ़े कदम
इस्तीफे के पीछे सबसे बड़ी वजह उनकी नई भूमिका मानी जा रही है। नितिन नवीन अब राज्यसभा सदस्य के रूप में 10 अप्रैल को शपथ लेंगे। इसके बाद उनका फोकस पूरी तरह राष्ट्रीय राजनीति पर रहेगा।
जनता के नाम भावुक संदेश
इस्तीफा देने के बाद नितिन नवीन ने अपने क्षेत्र की जनता को संबोधित करते (Nitin Nabin Resignation) हुए कहा कि वह भले ही विधायक नहीं रहेंगे, लेकिन “आपका बेटा बनकर” हमेशा सेवा करते रहेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता के साथ अपने रिश्ते को अटूट बताया।
बांकीपुर सीट पर बढ़ी हलचल
उनके इस्तीफे के बाद बांकीपुर विधानसभा सीट खाली हो गई है। ऐसे में यहां जल्द उपचुनाव होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में इस सीट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
संगठन से लेकर चुनाव तक मजबूत पकड़
नितिन नवीन का राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव काफी मजबूत रहा है। उन्होंने पार्टी में कई अहम जिम्मेदारियां निभाई हैं और चुनावी रणनीति में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, खासकर छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में।
बदल रही है राजनीतिक भूमिका
विधायक से सांसद बनने की यह यात्रा उनके राजनीतिक करियर का नया अध्याय (Nitin Nabin Resignation) मानी जा रही है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय स्तर पर उनकी भूमिका कितनी प्रभावी रहती है।


