सीजी भास्कर, 25 दिसंबर। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया से जुड़े छात्रों को बड़ी राहत मिली है। इंडियन नर्सिंग काउंसिल (आईएनसी) ने एएनएम, जीएनएम और बीएससी नर्सिंग सहित सभी नर्सिंग कोर्सेज में दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 दिसंबर कर दी है। नर्सिंग कोर्स में दाखिले की यह समय-सीमा बढ़ाने का फैसला (Nursing Admission Date Extended) सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुपालन में लिया गया है।
आईएनसी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार यह नई समय-सीमा एएनएम, जीएनएम, बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और एमएससी नर्सिंग सभी पाठ्यक्रमों पर समान रूप से लागू होगी।
काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट ने 2 दिसंबर और 18 दिसंबर को श्रीनाथ कॉलेज ऑफ नर्सिंग समेत अन्य मामलों की सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश और अन्य राज्यों में नर्सिंग कोर्स में दाखिले की अंतिम तारीख 31 दिसंबर तक बढ़ाने के निर्देश दिए थे। इन्हीं निर्देशों के आधार पर पूरे देश में (Nursing Admission Date Extended) को लागू किया गया है।
काउंसिल ने छात्रों को यह भी स्पष्ट किया है कि देर से दाखिला लेने वाले छात्रों को अलग बैच में रखा जाएगा। 31 अक्टूबर तक जिन छात्रों का दाखिला हो चुका है, उन्हें नियमित या ईवन बैच माना जाएगा। वहीं 1 नवंबर से 31 दिसंबर के बीच प्रवेश लेने वाले छात्रों को अनियमित या ऑड बैच में शामिल किया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य यह है कि (Nursing Admission Date Extended) के चलते नियमित छात्रों की पढ़ाई और शैक्षणिक कैलेंडर प्रभावित न हो।
आईएनसी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि देर से दाखिला लेने वाले छात्रों की कक्षाएं और परीक्षाएं अलग से आयोजित की जाएंगी। अनियमित बैच के छात्रों के लिए संस्थानों को अलग परीक्षा कार्यक्रम बनाना होगा, ताकि रेगुलर बैच की पढ़ाई सुचारू रूप से चलती रहे। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि (Nursing Admission Date Extended) के बावजूद शैक्षणिक गुणवत्ता से कोई समझौता न हो।
काउंसिल का मानना है कि इस फैसले से उन छात्रों को लाभ मिलेगा, जो आर्थिक, तकनीकी या अन्य कारणों से समय पर प्रवेश नहीं ले सके थे। नर्सिंग जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने के लिए यह निर्णय आवश्यक माना जा रहा है। (Nursing Admission Date Extended) के जरिए छात्रों को अतिरिक्त अवसर मिलने के साथ-साथ शिक्षा व्यवस्था में समानता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।





