दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में ऑनलाइन सट्टा कारोबार पर पुलिस का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। ताजा कार्रवाई में चार और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद Online Betting Racket से जुड़े कुल 11 लोग अब पुलिस की गिरफ्त में हैं। इस पूरे नेटवर्क के खुलासे के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है, क्योंकि यह गिरोह लंबे समय से गुपचुप तरीके से सक्रिय था।
छापे से शुरू हुई कार्रवाई, Police Action ने खोले कई राज
जामुल थाना क्षेत्र की सुंदर विहार कॉलोनी में पहले की गई छापेमारी के दौरान सात लोगों को पकड़ा गया था। उसी दौरान जब्त किए गए मोबाइल और डिजिटल डेटा की जांच में कई अहम सुराग मिले। इसके बाद Police Action और तेज करते हुए टीम ने अन्य संदिग्धों की तलाश शुरू की, जो इस नेटवर्क का हिस्सा थे।
तकनीकी जांच बनी हथियार, Cyber Crime Network का विस्तार उजागर
मोबाइल कॉल डिटेल, सोशल मीडिया और डिजिटल ट्रांजैक्शन के आधार पर पुलिस ने भिलाई और रायपुर के अलग-अलग इलाकों में दबिश दी। इस कार्रवाई में चार और आरोपी पकड़े गए। जांच में सामने आया कि यह पूरा Cyber Crime Network (Focus Keyphrase) तकनीक के जरिए संचालित हो रहा था, जिसमें अलग-अलग लोग अलग-अलग भूमिकाएं निभा रहे थे।
आईडी से लेकर पैसों का हिसाब, Online Gambling का पूरा सिस्टम
गिरफ्तार आरोपी सट्टे के लिए आईडी उपलब्ध कराने, पैसे के लेनदेन का हिसाब रखने और तकनीकी सहायता देने का काम कर रहे थे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए ग्राहकों से संपर्क किया जाता था। यह पूरा Online Gambling सिस्टम बेहद संगठित तरीके से चलाया जा रहा था, जिससे पुलिस को इसे पकड़ने में समय लगा।
नकदी और मोबाइल जब्त, जांच का दायरा बढ़ा
पुलिस ने आरोपियों के पास से 6 मोबाइल फोन और करीब 65 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जब्त किए गए डिवाइस से और भी अहम जानकारी मिलने की संभावना है, जिससे इस नेटवर्क के और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
पूछताछ जारी, और भी गिरफ्तारियां संभव
फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस का मानना है कि इस गिरोह से जुड़े और भी लोग सामने आ सकते हैं। जांच के दायरे को बढ़ाते हुए अन्य संदिग्धों की तलाश भी जारी है।
शहर में सतर्कता बढ़ी, पुलिस की नजर हर गतिविधि पर
इस कार्रवाई के बाद दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में पुलिस ने निगरानी और सख्त कर दी है। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के जरिए होने वाली अवैध गतिविधियों पर खास नजर रखी जा रही है, ताकि भविष्य में ऐसे नेटवर्क फिर से सक्रिय न हो सकें।


