Open Paddy Storage Negligence : बेमौसम बारिश की चेतावनी के बीच आरंग विकासखंड के ग्राम चपरीद स्थित धान खरीदी केंद्र की तस्वीरें चिंता बढ़ा रही हैं। केंद्र परिसर में हजारों बोरी धान खुले आसमान के नीचे पड़ी हैं। किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिरने का खतरा मंडरा रहा है—यह स्थिति (Paddy Procurement Lapses) की ओर इशारा करती है।
कवर मौजूद, फिर भी ढकने में कोताही
केंद्र में तिरपाल और कैप कवर उपलब्ध होने के बावजूद धान को ढकने में ढिलाई बरती जा रही है। स्थानीय किसानों का कहना है कि बारिश की आशंका के बावजूद कर्मचारियों ने समय रहते बोरी ढकने की पहल नहीं की। यह लापरवाही सीधे-सीधे (Rain Damage Risk) बढ़ा रही है और भंडारण मानकों पर सवाल खड़े कर रही है।
‘सूखत’ का गणित या सिस्टम की कमजोरी?
धान के लंबे समय तक खुले में पड़े रहने से ‘सूखत’ यानी वजन घटने की समस्या सामने आती है। सूत्रों के मुताबिक, उठाव (ट्रांसपोर्टेशन) में देरी से केंद्र परिसर जाम हो गया है। आशंका जताई जा रही है कि नमी और वजन संतुलन के नाम पर लापरवाही को नजरअंदाज किया जा रहा है—यह (Weight Loss Issue) प्रबंधन की खामी दर्शाता है।
निरीक्षण न होने से बढ़ रही परेशानी
मौसम अलर्ट जारी होने के बावजूद जमीनी निरीक्षण की कमी दिख रही है। किसान संगठनों का कहना है कि यदि समय रहते ढुलाई तेज नहीं की गई और ढकाव सुनिश्चित नहीं हुआ, तो बड़े पैमाने पर नुकसान तय है—यह स्थिति (Procurement Management Failure) की चेतावनी है।
प्रशासन का दावा, कार्रवाई की चेतावनी
इस पूरे मामले पर आरंग एसडीएम अभिलाषा पैकरा ने कहा कि बारिश से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं मौजूद हैं और जहां भी लापरवाही सामने आएगी, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। किसानों को उम्मीद है कि इस आश्वासन के बाद मौके पर त्वरित सुधार होगा—ताकि नुकसान रोका जा सके।






