सीजी भास्कर, 26 दिसंबर। भारत के सटीक और आक्रामक ड्रोन अभियानों ने पाकिस्तान (Operation Sindoor 2.0) की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय सशस्त्र बलों द्वारा किए गए ऑपरेशन सिंदूर के बाद अब पाकिस्तान को ‘ऑपरेशन सिंदूर 2.0’ का डर लगातार सता रहा है। इसी डर के चलते पाकिस्तान ने LoC के पास स्थित PoK के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर एंटी‑ड्रोन और काउंटर‑यूएएस सिस्टम तैनात करना शुरू कर दिया है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने रावलाकोट, कोटली और भिंबर सेक्टर में नए एंटी‑ड्रोन (Operation Sindoor 2.0) उपकरण लगाए हैं। इन क्षेत्रों को रणनीतिक रूप से संवेदनशील माना जाता है, जहां से पहले भी घुसपैठ और ड्रोन गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। पाकिस्तान को आशंका है कि भारत भविष्य में ड्रोन आधारित सर्जिकल स्ट्राइक जैसे अभियानों को और तेज कर सकता है।
बताया जा रहा है कि पाकिस्तान अपनी वायु निगरानी और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताओं को मजबूत करने के लिए तुर्की और चीन से नए ड्रोन और रक्षा प्रणालियां खरीदने पर भी बातचीत कर रहा है। वहीं Indian Army, Navy और Air Force द्वारा पश्चिमी सीमा पर चल रहे संयुक्त युद्धाभ्यासों ने पाकिस्तान की बेचैनी और बढ़ा दी है। उसे आशंका है कि यह अभ्यास किसी बड़े ऑपरेशन की पूर्व तैयारी हो सकता है ।
सूत्रों के मुताबिक भारत के ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor 2.0) में किए गए सटीक ड्रोन हमलों के बाद पाकिस्तान ने LoC के पास 30 से अधिक विशेष एंटी‑ड्रोन यूनिट तैनात की हैं। इस कार्य में 12वीं इन्फैंट्री डिवीजन (मुर्री मुख्यालय) और 23वीं इन्फैंट्री डिवीजन की अहम भूमिका है। कोटली‑भिंबर सेक्टर में 23वीं डिवीजन की ब्रिगेड लगातार इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर और हवाई निगरानी को मजबूत कर रही हैं ।
तकनीकी तौर पर पाकिस्तान स्पाइडर काउंटर‑UAS सिस्टम का इस्तेमाल कर रहा है, जो रेडियो फ्रीक्वेंसी के माध्यम से ड्रोन की पहचान करता है और लगभग 10 किलोमीटर तक छोटे‑बड़े ड्रोन को डिटेक्ट करने में सक्षम है। इसके अलावा सफरा एंटी‑UAV जैमिंग गन भी तैनात की गई है, जिसे कंधे पर रखकर चलाया जाता है और यह 1.5 किलोमीटर तक ड्रोन के कंट्रोल, वीडियो और GPS सिग्नल को जाम कर सकती है।
कुल मिलाकर, भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान की सुरक्षा रणनीति को झकझोर कर रख दिया है और दुश्मन देश अब संभावित अगले कदम से डरा हुआ नजर आ रहा है (Operation Sindoor 2.0)।




