सीजी भास्कर, 27 जनवरी। माइक्रोसॉफ्ट ने Windows 11 यूजर्स के लिए एक और इमरजेंसी अपडेट जारी किया है, जिसका मकसद Outlook में आ रही गंभीर क्रैश समस्या को ठीक करना है। जनवरी 2026 के Patch Tuesday अपडेट के बाद बड़ी संख्या में यूजर्स ने शिकायत की थी कि Outlook बार-बार क्रैश हो रहा है या पूरी तरह हैंग हो जा रहा है, जिससे ईमेल तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
कंपनी के अनुसार, यह समस्या खासतौर पर उन यूजर्स में ज्यादा देखी गई, जो Outlook में क्लाउड-बेस्ड फाइल्स का इस्तेमाल (Outlook Freezing Issue) कर रहे थे। जिन लोगों ने अपनी PST फाइल्स को OneDrive या अन्य क्लाउड-सिंक फोल्डर में सेव कर रखा था, उनके सिस्टम पर Outlook या तो खुल ही नहीं रहा था या कुछ देर बाद अपने आप बंद हो जा रहा था।
माइक्रोसॉफ्ट ने बताया कि जनवरी 2026 के सिक्योरिटी अपडेट के बाद कुछ ऐप्स में क्लाउड स्टोरेज से जुड़ी फाइल्स को खोलने और सेव करने की प्रक्रिया में गड़बड़ी आ गई थी। इसका सीधा असर Outlook पर पड़ा, क्योंकि ईमेल डेटा और अटैचमेंट्स के लिए यह ऐप बड़े पैमाने पर क्लाउड सिंक का उपयोग करता है।
इस समस्या की गंभीरता को देखते हुए माइक्रोसॉफ्ट ने Out-of-Band अपडेट जारी किया है। आमतौर पर ऐसे अपडेट बहुत कम मामलों में लाए जाते हैं, जब किसी बग के कारण यूजर्स का कामकाज बुरी तरह प्रभावित (Outlook Freezing Issue) हो रहा हो और अगले रेगुलर अपडेट तक इंतजार करना संभव न हो। 2026 में यह दूसरा मौका है, जब कंपनी को जनवरी अपडेट के बाद इमरजेंसी पैच जारी करना पड़ा है। इससे पहले Windows 11 में शटडाउन और हाइबरनेशन से जुड़ी गड़बड़ियों को ठीक करने के लिए भी अलग से अपडेट लाया गया था।
यूजर्स के लिए राहत की बात यह है कि नया अपडेट cumulative है। यानी इसमें जनवरी 2026 अपडेट से जुड़े पहले के सभी इमरजेंसी फिक्स शामिल कर दिए गए हैं। अलग-अलग पैच इंस्टॉल करने की जरूरत नहीं होगी। माइक्रोसॉफ्ट ने सलाह दी है कि जिन यूजर्स का Outlook क्लाउड-बेस्ड फाइल्स के साथ क्रैश हो रहा है, वे इस अपडेट को तुरंत इंस्टॉल करें, ताकि ऐप सामान्य रूप से काम करने लगे।
हालांकि, बार-बार सामने आ रही इन समस्याओं ने Windows अपडेट्स की भरोसेमंदी को लेकर सवाल भी खड़े कर दिए हैं। 2025 के दौरान भी कई बड़े अपडेट्स के बाद सिस्टम लेवल बग सामने (Outlook Freezing Issue) आए थे। माइक्रोसॉफ्ट लगातार सिक्योरिटी अपडेट्स की अहमियत पर जोर देता रहा है, लेकिन बार-बार इमरजेंसी फिक्स जारी होना आईटी एडमिन्स और आम यूजर्स दोनों के लिए चिंता का कारण बन सकता है।
फिलहाल कंपनी का कहना है कि वह यूजर्स से मिलने वाले फीडबैक पर करीबी नजर रखे हुए है और जरूरत पड़ने पर आगे भी सुधारात्मक अपडेट जारी किए जाएंगे।




