सीजी भास्कर, 28 जनवरी। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत राज्य में धान खरीदी तेज़ रफ्तार और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही है। अब तक 23.48 लाख से अधिक किसान समर्थन मूल्य पर अपनी उपज (Paddy Procurement Chhattisgarh) बेच चुके हैं। तकनीक आधारित व्यवस्था और समयबद्ध भुगतान प्रणाली के चलते खरीदी केंद्रों पर भरोसा और भागीदारी लगातार बढ़ रही है।
धान विक्रय के बदले किसानों को अब तक कुल ₹29,597 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में स्थानांतरित की गई है, जिससे उन्हें उनकी उपज का पूरा और न्यायसंगत मूल्य मिला है। बड़ी संख्या में हुए इस भुगतान ने राज्य की कृषि व्यवस्था और वित्तीय प्रबंधन की मजबूती को भी दर्शाया है।
खरीदी प्रक्रिया की सबसे अहम बात यह रही कि धान बेचने के बाद 48 घंटे के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया गया। इससे किसानों को न केवल समय पर पैसा (Paddy Procurement Chhattisgarh) मिला, बल्कि बिचौलियों पर निर्भरता भी पूरी तरह खत्म हो गई। समयबद्ध भुगतान से किसान अगली फसल और अन्य कृषि कार्यों की योजना आसानी से बना पा रहे हैं।
आने वाले तीन दिनों में करीब 1.5 लाख अतिरिक्त किसानों के धान विक्रय के लिए केंद्रों तक पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए प्रशासन ने तौल, भंडारण, परिवहन और भुगतान से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसी भी स्तर पर अव्यवस्था न हो।
इस अवधि में 70 हजार से अधिक नए टोकन जारी होने का अनुमान है। वर्तमान में प्रतिदिन औसतन 22 हजार टोकन जारी किए जा रहे हैं, जिससे किसानों को निर्धारित समय पर और क्रमबद्ध तरीके से धान बेचने का अवसर मिल रहा है। टोकन प्रणाली ने भीड़ नियंत्रण और समय प्रबंधन में अहम भूमिका निभाई है।
प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 3 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी (Paddy Procurement Chhattisgarh) की जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा के बावजूद गुणवत्ता जांच, तौल और रिकॉर्ड संधारण पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। कुल मिलाकर यह खरीफ सीजन किसान-केंद्रित, पारदर्शी और भरोसेमंद मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है, जो प्रदेश की कृषि अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे रहा है।




