सीजी भास्कर, 16 जनवरी। जब सिस्टम के भीतर गड़बड़ी की भनक लगती है, तो सबसे बड़ी परीक्षा यह होती है कि कार्रवाई (Paddy Procurement Irregularities) कितनी तेज़ और कितनी निष्पक्ष होती है। हाल के घटनाक्रम ने यह संकेत दे दिया है कि अब सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। संदेश साफ है – व्यवस्था के साथ खिलवाड़ की कीमत चुकानी होगी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने धान खरीदी व्यवस्था को लेकर सख़्त रुख अपनाया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसानों से धान की पूरी खरीदी होगी और भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा, लेकिन भंडारण, खरीदी या प्रबंधन के किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर कठोर कार्रवाई तय है। प्रशासन ने धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और जवाबदेह बनाए रखने के लिए निगरानी और जांच तेज कर दी है।
इसी कड़ी में खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान जिला बेमेतरा के सरदा–लेंजवारा धान संग्रहण केंद्र में भंडारित धान की स्थिति को लेकर संयुक्त जांच कराई गई। कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न विभागों की टीम ने मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन और गुणवत्ता परीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर खामियां सामने आईं।
जांच में पाया गया कि संग्रहण केंद्र में धान के स्टैक निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। बोरे अव्यवस्थित अवस्था में पाए गए और ऑनलाइन दर्ज स्टॉक तथा मौके पर मौजूद धान के आंकड़ों में बड़ा अंतर सामने आया। सत्यापन के दौरान मोटा और सरना किस्म को मिलाकर 53 हजार क्विंटल से अधिक धान की कमी दर्ज की गई, जिसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना गया है।
संयुक्त जांच दल की रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित संग्रहण केंद्र के प्रभारी को पद से हटा दिया गया है और उनके विरुद्ध निलंबन व विभागीय जांच के आदेश जारी किए गए हैं। साथ ही, व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए वैकल्पिक प्रभारी की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से की गई है।
भौतिक सत्यापन में यह भी सामने आया कि कुछ स्थानों पर धान का भंडारण निर्धारित मानकों के विपरीत प्लास्टिक बोरों में किया गया था। इन सभी बिंदुओं को विभागीय जांच के दायरे में शामिल कर लिया गया है। फिलहाल उपलब्ध धान का उठाव नियमानुसार जारी है, ताकि किसानों और आपूर्ति व्यवस्था पर कोई असर न पड़े।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोहराया है कि सरकार किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगी। धान खरीदी प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें बाधा बनने वाले किसी भी व्यक्ति या तंत्र के खिलाफ सख़्त कार्रवाई जारी रहेगी। यह केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि भविष्य के लिए एक स्पष्ट चेतावनी भी है।


