सीजी भास्कर 4 फ़रवरी : Paddy Shortage Case : कवर्धा जिले में सरकारी धान की कमी को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद जिला विपणन अधिकारी (DMO) अभिषेक मिश्रा को निलंबित कर दिया गया है। विभागीय स्तर पर यह माना गया कि बिना ठोस तथ्यात्मक पुष्टि मीडिया के सामने बयान देना सेवा नियमों का उल्लंघन है, जिससे शासन और प्रशासन की छवि प्रभावित हुई।
7 करोड़ के धान की कमी ने खड़े किए सवाल
वर्ष 2024–25 में समर्थन मूल्य पर किसानों से खरीदे गए धान का भंडारण जिले के दो प्रमुख संग्रहण केंद्र—बाजार चारभाठा और बघर्रा—में किया गया था। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, इन केंद्रों में कुल 7 लाख 99 हजार क्विंटल धान रखा गया था। उठाव और मिलान के दौरान करीब 26 हजार क्विंटल धान की कमी सामने आई।
अकेले एक केंद्र से 22 हजार क्विंटल गायब
जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि बाजार चारभाठा संग्रहण केंद्र से ही लगभग 22 हजार क्विंटल धान कम पाया गया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस बड़े अंतर ने भंडारण व्यवस्था और निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मौसम और चूहों को बताया गया कारण
धान की कमी सामने आने के बाद डीएमओ अभिषेक मिश्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि यह नुकसान मौसम के प्रभाव, चूहे, दीमक और अन्य कीटों के कारण हुआ है। उन्होंने यह भी दावा किया था कि पूरे प्रदेश के 65 संग्रहण केंद्रों की तुलना में जिले की स्थिति बेहतर है, साथ ही संग्रहण केंद्र प्रभारी को हटा दिया गया है।
बिना पुष्टि बयान बना कार्रवाई की वजह
रायपुर स्थित विभागीय मुख्यालय से जारी निलंबन आदेश में स्पष्ट किया गया है कि डीएमओ द्वारा तथ्यों की समुचित पुष्टि किए बिना गलत जानकारी सार्वजनिक रूप से दी गई। यह विपणन सहकारी संघ कर्मचारी सेवा नियमावली की कंडिका-18 का उल्लंघन है, जिससे शासन और जिला प्रशासन की छवि धूमिल हुई।
बिलासपुर रहेगा मुख्यालय
आदेश के अनुसार, कंडिका-27 (1) के तहत अभिषेक मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला विपणन कार्यालय बिलासपुर निर्धारित किया गया है और वे नियमानुसार निर्वाह भत्ता प्राप्त करने के पात्र रहेंगे।
आगे और खुलासों की संभावना
सूत्रों के अनुसार, धान शॉर्टेज मामले में आगे भी विस्तृत जांच की तैयारी है। भंडारण, उठाव और रिकॉर्ड मिलान से जुड़े सभी स्तरों की जिम्मेदारी तय की जा सकती है। आने वाले दिनों में यह मामला और प्रशासनिक हलचल पैदा कर सकता है।




