Padma Shri Award Chhattisgarh | गणतंत्र दिवस से पहले हुई घोषणा
Padma Shri Award Chhattisgarh : केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के प्रतिष्ठित पद्म पुरस्कारों की सूची जारी कर दी है। इस घोषणा के साथ ही छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण सामने आया है, क्योंकि राज्य से तीन विशिष्ट व्यक्तित्वों को पद्म श्री सम्मान के लिए चुना गया है। यह चयन समाजसेवा और चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में लंबे समय से किए जा रहे योगदान को मान्यता देता है।
इस वर्ष पद्म श्री से सम्मानित होने वालों में समाजसेविका बुधरी ताती के साथ-साथ चिकित्सा सेवा से जुड़े डॉ. रामचंद्र त्र्यंबक गोडबोले और सुनीता गोडबोले शामिल हैं। इनमें से एक सम्मान संयुक्त रूप से दिया जाएगा। खास बात यह है कि इन तीनों का कार्यक्षेत्र नक्सल प्रभावित और दुर्गम आदिवासी इलाकों से जुड़ा रहा है।
डॉ. रामचंद्र त्र्यंबक गोडबोले और उनकी पत्नी सुनीता गोडबोले को चिकित्सा क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए पद्म श्री सम्मान दिया जाएगा। दोनों पिछले 37 वर्षों से बस्तर और अबूझमाड़ जैसे कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य जागरूकता और कुपोषण के खिलाफ निरंतर काम कर रहे हैं।
डॉ. गोडबोले एक आयुर्वेद चिकित्सक हैं, जिन्होंने आधुनिक सुविधाओं से वंचित इलाकों में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को जन-सेवा से जोड़ा। पत्नी सुनीता गोडबोले के साथ मिलकर उन्होंने मातृ-शिशु स्वास्थ्य, पोषण और प्राथमिक उपचार को गांव-गांव तक पहुंचाया।
‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से दोनों ने उन गांवों में स्वास्थ्य शिविर लगाए, जहां सड़क, बिजली और मोबाइल नेटवर्क जैसी बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं। कई बार पैदल यात्रा और सीमित संसाधनों के सहारे मरीजों तक पहुंचकर उन्होंने सेवा को मिशन बनाया, न कि पेशा।

समाजसेविका बुधरी ताती को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने बस्तर अंचल में सामाजिक जागरूकता, महिला सशक्तिकरण और समुदाय आधारित पहल के जरिए वर्षों से जमीनी स्तर पर काम किया है, जिससे स्थानीय समाज में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है।

पद्म पुरस्कार 2026 की यह सूची छत्तीसगढ़ के लिए इसलिए भी खास है, क्योंकि चयनित सभी हस्तियों का कार्य दूरस्थ इलाकों और जमीनी जरूरतों से जुड़ा रहा है। यह सम्मान राज्य में सेवा-भाव और समर्पण की परंपरा को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।




