सीजी भास्कर, 18 दिसंबर। पाकिस्तान की सत्ता के गलियारों में एक बार फिर उथल-पुथल तेज हो गई है। सेना प्रमुख असीम मुनीर के सीडीएफ की भूमिका में आने के बाद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनके परिवार पर दबाव लगातार (Pakistan Politics) बढ़ता दिख रहा है। ताज़ा घटनाक्रम में इमरान खान की बहन अलीमा खान सहित पीटीआई से जुड़े लगभग 400 लोगों के खिलाफ आतंकवाद से जुड़ी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसने देश की राजनीति को नए टकराव की ओर धकेल दिया है।
यह कार्रवाई उस समय सामने आई, जब रावलपिंडी स्थित अडियाला जेल के बाहर इमरान खान से मुलाकात न कराए जाने के विरोध में उनकी बहनों और पार्टी कार्यकर्ताओं ने देर रात धरना प्रदर्शन किया। देखते ही देखते हालात तनावपूर्ण हो गए और पुलिस-प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प की स्थिति बन गई।
धरना, नारे और अचानक बदला माहौल
मंगलवार रात अडियाला जेल के बाहर जमा सैकड़ों समर्थकों का आरोप था कि प्रशासन जानबूझकर इमरान खान के परिवार (Pakistan Politics) को उनसे मिलने से रोक रहा है। इसी विरोध के दौरान पुलिस ने प्रदर्शन को गैरकानूनी करार देते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। कुछ ही देर में माहौल बिगड़ गया और पुलिस पर पत्थर व कांच की बोतलें फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं।
पुलिस के अनुसार, इस मामले में अलीमा खान के अलावा नूरीन नियाजी, कासिम खान, आलिया हमजा, सलमान अकरम राजा, नईम पंजोथा और अन्य प्रमुख नामों को एफआईआर में शामिल किया गया है। सभी पर एंटी-टेररिज्म कानून के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
राज्य के खिलाफ साजिश का आरोप
मामले में पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 120 भी जोड़ी गई है, जिसमें राज्य के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने, पुलिस पर हमला करने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने जैसे आरोप शामिल हैं। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने सड़क अवरुद्ध की, सरकारी कामकाज में बाधा डाली और कानून-व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया।
इस पूरे घटनाक्रम के दौरान 14 लोगों को मौके से गिरफ्तार किया गया, जिन्हें रावलपिंडी की आतंकवाद निरोधी अदालत में पेश किया गया है। एफआईआर में यह भी दर्ज है कि भीड़ ने सरकार और राज्य के खिलाफ नारेबाजी की, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई।
सियासी टकराव के नए संकेत
विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला केवल एक धरना या कानून-व्यवस्था की घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पाकिस्तान में सेना और पीटीआई के बीच बढ़ते तनाव (Pakistan Politics) का संकेत है। इमरान खान पहले से ही अडियाला जेल में बंद हैं और अब उनके परिवार पर हुई इस कार्रवाई ने राजनीतिक टकराव को और गहरा कर दिया है।
आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि यह मामला अदालतों तक सीमित रहता है या फिर पाकिस्तान की सड़कों पर इसका असर और तेज़ होता है।





