सीजी भास्कर, 21 जनवरी। एक तयशुदा तारीख, मगर इसके पीछे छुपे हैं कई ऐसे फैसले, जिनका असर सीधे गांव की ज़िंदगी पर पड़ेगा। कहीं सवाल उठेंगे, कहीं पुराने वादों का हिसाब मांगा (Panchayat Raj Act) जाएगा और कहीं आने वाले महीनों की दिशा तय होगी। सब कुछ खुले मंच पर, लोगों के सामने, बिना किसी पर्दे के।
एमसीबी जिला, छत्तीसगढ़ की सभी ग्राम पंचायतों में 23 जनवरी 2026 को ग्रामसभा का आयोजन किया जाएगा। पंचायत राज अधिनियम के प्रावधानों के तहत होने वाली इस बैठक को लेकर पंचायत स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ग्राम पंचायत मुख्यालयों के साथ-साथ आश्रित गांवों में भी समय तय कर ग्रामीणों को शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस बार ग्रामसभा केवल औपचारिक बैठक तक सीमित नहीं रहेगी। शासन द्वारा निर्धारित 15 प्रमुख विषयों पर विस्तार से चर्चा की (Panchayat Raj Act) जाएगी। पिछली ग्रामसभा में पारित संकल्पों पर क्या कार्रवाई हुई, किन योजनाओं में कितना बजट आया और कितना खर्च हुआ, इसकी पूरी जानकारी ग्रामीणों के सामने रखी जाएगी। पंचायत की आय-व्यय का लेखा-जोखा सार्वजनिक रूप से पढ़ा जाएगा और उसी पर अनुमोदन भी लिया जाएगा।
कर निर्धारण और कर संग्रहण की प्रक्रिया पर भी ग्रामसभा में चर्चा होगी। समर्थ पंचायत पोर्टल के जरिए ऑनलाइन कर व्यवस्था, वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए संपत्ति कर दर और कर वसूली की स्थिति जैसे मुद्दों पर ग्रामीणों की राय ली जाएगी। उद्देश्य साफ है कि पंचायत के हर फैसले में पारदर्शिता बनी रहे।
ग्रामसभा में सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों को भी प्राथमिकता (Panchayat Raj Act) दी जाएगी। आवारा और पालतू मवेशियों के कारण हो रही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, पशुओं को खुला न छोड़ने को लेकर जागरूकता, पंचायत अधिनियम के तहत जुर्माना और शास्ति, नामांतरण और बंटवारे के मामलों, स्वच्छता, शौचालय विहीन परिवारों की पहचान और सामुदायिक शौचालयों के रखरखाव जैसे विषयों पर भी विचार होगा।
इसके साथ ही रोजगार और आजीविका से जुड़े नए प्रावधानों, मौसमी बीमारियों की रोकथाम, खाद्यान्न वितरण व्यवस्था, जन्म-मृत्यु और विवाह पंजीयन की स्थिति पर भी जानकारी साझा की जाएगी, ताकि योजनाओं का लाभ सही हितग्राहियों तक पहुंचे।
ग्रामसभा की कार्यवाही की वीडियो रिकॉर्डिंग अनिवार्य होगी, जिसे निर्धारित मोबाइल ऐप और पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य ग्रामसभा को केवल बैठक नहीं, बल्कि गांव की आवाज़ और जवाबदेही का मजबूत मंच बनाना है।




