सीजी भास्कर, 27 जून : ग्राम पंचायत पतोरा में आजीविका दुकानों की नीलामी से प्राप्त राशि को पंचायत के अधिकृत खाते में जमा करने के बजाय अपने नियंत्रण में रखने के मामले में जिला पंचायत ने बड़ी कार्रवाई की है। (Panchayat Secretary Action) के तहत जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) ने पंचायत सचिव महेंद्र कुमार साहू की एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने के आदेश जारी किए हैं।
₹6.50 लाख पंचायत खाते में जमा नहीं किए
जारी आदेश के अनुसार जनपद पंचायत पाटन की ग्राम पंचायत पतोरा में पदस्थ पंचायत सचिव महेंद्र कुमार साहू ने छत्तीसगढ़ ग्राम पंचायत लेखा नियम, 1999 के नियम-18 के प्रावधानों के विपरीत कार्य किया।
आरोप है कि आजीविका दुकानों की नीलामी से प्राप्त 6 लाख 50 हजार रुपये अधिकृत पंचायत खाते में जमा नहीं कर निजी नियंत्रण में रखे गए। इसे शासकीय धन के संधारण और वित्तीय प्रबंधन से जुड़ी गंभीर अनियमितता माना गया है।
आचरण नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
जिला पंचायत CEO ने अपने आदेश में कहा है कि पंचायत सचिव द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम, 1998 के नियम-3 का स्पष्ट उल्लंघन किया गया है। इसे अनुशासनहीनता और वित्तीय नियमों के उल्लंघन की श्रेणी में मानते हुए छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम, 1999 के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्रवाई की गई है।
एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोकी गई
वित्तीय अनियमितता को गंभीर मानते हुए जिला पंचायत CEO ने पंचायत सचिव महेंद्र कुमार साहू की एक वार्षिक वेतन वृद्धि (बिना संचयी प्रभाव) रोकने का दंडादेश जारी किया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत निधि के रखरखाव और वित्तीय अनुशासन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



