सीजी भास्कर, 22 दिसंबर। दुर्ग जिले के ग्राम नगपुरा (Nagpura Bhilai) में आयोजित पंडित प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) की शिव महापुराण कथा (Shiv Mahapuran Katha) रविवार को संपन्न हो गई। कथा के बीच शुक्रवार और शनिवार को टेंट और डोम के भुगतान को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। बताया गया कि टेंट संचालक नरेंद्र साहू और आयोजन समिति के बीच तीखी बहस हुई, जिससे तनाव की स्थिति बनी। यह पूरा मामला तेजी से टेंट भुगतान विवाद (Tent Payment Dispute) में बदल गया। बाद में पुलिस हस्तक्षेप (Police Intervention) के बाद स्थिति सामान्य हो सकी।
आयोजन समिति से जुड़ी जिला पंचायत सदस्य प्रिया साहू ने बताया कि टेंट और डोम तय साइज और शर्तों के अनुरूप नहीं लगाए गए थे। समिति का कहना है कि कार्य की गुणवत्ता और मापदंड के आधार पर ही भुगतान किया जाएगा। इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद गहराया, जिससे आयोजन समिति विवाद (Event Management Issue) बढ़ गया।
जानकारी के अनुसार, टेंट और डोम की कुल लागत लगभग 1.15 करोड़ रुपये तय हुई थी, जबकि अब तक 25 से 30 लाख रुपये का ही भुगतान किया गया है। शेष राशि को लेकर सहमति न बनने पर टेंट संचालक ने डोम हटाने की तैयारी भी शुरू कर दी थी, जिससे कथा में व्यवधान की आशंका बढ़ गई।
इसके बाद आयोजन समिति और स्थानीय प्रशासन हरकत में आया। पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बैठाकर बातचीत कराई और कथा समाप्त होने तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई रोकने का निर्णय कराया। इस प्रशासनिक दखल के बाद तनाव कम हुआ और शिव महापुराण कथा (Shiv Mahapuran Katha) रविवार तक शांतिपूर्वक संपन्न हो गई।
कथा 17 दिसंबर से 21 दिसंबर तक आयोजित हुई थी, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। विवाद के बावजूद आयोजन स्थल पर व्यवस्था बनी रही और कथा के समापन तक किसी प्रकार की बाधा नहीं आई। गौरतलब है कि पंडित प्रदीप मिश्रा (Pandit Pradeep Mishra) पहले भी कथाओं को लेकर सुर्खियों में रहे हैं। भिलाई में कथा-फीस को लेकर सवाल उठ चुके हैं, वहीं राजनांदगांव में भी शुल्क विवाद के कारण आयोजन प्रभावित हुआ था। इस बार नगपुरा में विवाद का केंद्र टेंट भुगतान रहा, जिसने कथा के अंतिम दिनों में तनाव बढ़ा दिया था।


