रायपुर के व्यस्त पंडरी कपड़ा बाजार में एक बार फिर वही पुरानी तस्वीर लौट आई है। Pandri Market Traffic Jam ने राहगीरों और व्यापारियों दोनों की परेशानी बढ़ा दी है। 19 दुकानों के शटर खुलते ही सड़क पर भीड़ और अव्यवस्था बढ़ गई है, जिससे दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है।
शर्तों के साथ खुलीं दुकानें, Traffic Management पर उठे सवाल
जून 2025 में इन दुकानों को जाम और अवैध निर्माण के चलते बंद किया गया था। बाद में बैठक के जरिए इन्हें कुछ शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी गई थी। तय हुआ था कि दुकानें सिर्फ शो-केस के लिए इस्तेमाल होंगी और सड़क पर पार्किंग नहीं होगी। लेकिन अब Traffic Management को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं, क्योंकि नियमों का पालन नहीं हो रहा।
फिर वही लापरवाही, Illegal Parking ने बढ़ाई समस्या
शुरुआती दिनों में नियमों का पालन नजर आया, लेकिन धीरे-धीरे हालात फिर बिगड़ गए। दुकानों के सामने ही गाड़ियां खड़ी होने लगीं, जिससे सड़क संकरी हो गई। इस Illegal Parking की वजह से कई बार एक समय में सिर्फ एक ही वाहन निकल पाता है, जिससे जाम और बढ़ जाता है।
पीक टाइम में हालत खराब, Urban Traffic Crisis गहराया
सुबह और शाम के समय स्थिति और भी खराब हो जाती है। आसपास की कॉलोनियों से आने-जाने वाले लोगों को 15 से 20 मिनट तक जाम में फंसे रहना पड़ता है। यह रास्ता शहर का अहम कनेक्शन माना जाता है, लेकिन अब यह Urban Traffic Crisis का उदाहरण बन गया है।
फैसले पर चर्चा तेज, प्रशासन पर उठ रहे सवाल
इस पूरे मामले को लेकर शहर में तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। कुछ लोग इसे प्रशासन की ढिलाई मान रहे हैं, तो कुछ के बीच अंदरखाने फैसलों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, आधिकारिक तौर पर इस पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
मूल नक्शा बदला, समस्या की जड़ यहीं से शुरू
जानकारी के अनुसार, बाजार का मूल डिजाइन ऐसा था कि दुकानों का प्रवेश अंदर की ओर था। समय के साथ दुकानदारों ने सड़क की ओर शटर लगा लिए, जिससे सड़क किनारे ही पार्किंग शुरू हो गई। यही बदलाव धीरे-धीरे आज की समस्या की मुख्य वजह बन गया।
स्थानीय लोगों की मांग, फिर हो सख्त कार्रवाई
वर्तमान हालात को देखते हुए स्थानीय निवासी और रोजाना आने-जाने वाले लोग प्रशासन से दोबारा सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आने वाले समय में स्थिति और भी खराब हो सकती है।


