सीजी भास्कर, 23 दिसंबर। राज्य शासन की प्राथमिकता वाली धान खरीदी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में गंभीर लापरवाही बरतना ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी को भारी पड़ गया। रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देश पर लैलूंगा एसडीएम ने सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी जितेन्द्र भगत को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई धान खरीदी प्रक्रिया में पाई गई अनियमितताओं के चलते की गई, जिसे प्रशासन ने स्पष्ट रूप से पटवारी निलंबन (Patwari Suspended) का मामला माना है।
जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान पटवारी जितेन्द्र भगत को तहसील मुख्यालय लैलूंगा में संलग्न किया गया है। इस अवधि में उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा के मूलभूत नियम 53 के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। प्रशासन ने साफ संकेत दिया है कि धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत 15 नवंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक समितियों एवं उपार्जन केंद्रों के माध्यम से पंजीकृत किसानों से धान खरीदी की जा रही है। इस योजना के तहत सभी संबंधित पटवारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को किसानों के धान उत्पादन का भौतिक सत्यापन करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे, ताकि केवल वास्तविक और पात्र किसानों को ही योजना का लाभ मिल सके।
इसी क्रम में 22 दिसंबर 2025 को ग्राम कमरगा के हल्का पटवारी जितेन्द्र भगत से धान सत्यापन से संबंधित अभिलेख और जानकारी प्रस्तुत करने को कहा गया। जांच के दौरान यह सामने आया कि वे संतोषजनक जानकारी देने में असफल रहे। उनके द्वारा केवल तीन किसानों के पंचनामा प्रस्तुत किए गए, जिनमें सिर्फ किसानों के नाम और हस्ताक्षर अंकित थे। पंचनामा में न तो धान उत्पादन का विवरण दर्ज था और न ही भौतिक सत्यापन से संबंधित आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराई गई थी। अतिरिक्त जानकारी मांगे जाने पर भी पटवारी द्वारा कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया।
प्रकरण की विस्तृत जांच में यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित पटवारी द्वारा शासन और वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों के पालन में गंभीर लापरवाही बरती गई है। यह कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1966 के नियम 03 के प्रतिकूल पाया गया, जिसे कदाचार की श्रेणी में रखा गया है। इसी आधार पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से पटवारी निलंबन (Patwari Suspended) की कार्रवाई की।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में ग्राम कमरगा के हल्के का अतिरिक्त प्रभार पटवारी केशव प्रसाद पैकरा को सौंपा गया है, ताकि धान खरीदी और अन्य राजस्व कार्य प्रभावित न हों। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में धान खरीदी से जुड़े सभी कार्यों की सतत निगरानी की जा रही है और भविष्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आने पर इसी प्रकार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई से यह स्पष्ट संदेश गया है कि राज्य शासन किसानों के हितों की रक्षा और धान खरीदी व्यवस्था की पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह गंभीर है। धान खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ आगे भी पटवारी निलंबन (Patwari Suspended) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


