सीजी भास्कर, 07 मई : अगर आप भी ईपीएस-95 के तहत न्यूनतम पेंशन (Pension Hike Reality) बढ़ने की खबर पढ़कर खुश हो रहे हैं, तो जरा ठहरिए! सोशल मीडिया पर जो “सरकारी आदेश” वायरल हो रहा है, वह पूरी तरह फर्जी और भ्रामक है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फिलहाल न्यूनतम पेंशन में वृद्धि को लेकर ऐसा कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं किया गया है।
शरारती तत्वों की ‘घिनौनी’ हरकत
कुछ असामाजिक तत्वों ने सरकारी लेटरहेड जैसा स्वरूप देकर एक फर्जी ऑर्डर वायरल किया है। यह न केवल गलत है बल्कि उन लाखों बुजुर्ग पेंशनर्स की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है, जो लंबे समय से सम्मानजनक पेंशन का इंतजार कर रहे हैं। इस कृत्य को प्रशासन ने ‘अक्षम्य’ और निंदनीय बताया है।
सच क्या है
पेंशन वृद्धि (Pension Hike Reality) की चर्चा हवा में नहीं है, लेकिन अभी यह सिर्फ सिफारिश के स्तर पर है। बसौराज की अध्यक्षता वाली संसदीय समिति ने 17 अप्रैल 2026 को अपनी रिपोर्ट सरकार को दी है। समिति ने स्पष्ट कहा है कि फिलहाल मिल रही 1000 रुपये की पेंशन एक परिवार के सम्मानजनक जीवन के लिए बेहद कम है और इसे तत्काल बढ़ाया जाना चाहिए। केंद्र सरकार इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार तो कर रही है, लेकिन अंतिम फैसला (Final Decision) अभी बाकी है।
संघर्ष जारी है, अफवाहों से बचें
राष्ट्रीय संघर्ष समिति के अध्यक्ष कमांडर अशोक राउत और महासचिव वीरेंद्र सिंह राजावत इस मुद्दे पर दिल्ली में लगातार सरकार और संबंधित विभागों के साथ पैरवी कर रहे हैं। पेंशनर्स के हितों के लिए संघर्ष जारी है, लेकिन जब तक सरकार की आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत माध्यम से सूचना न आए, तब तक किसी भी व्हाट्सएप मैसेज या वायरल पोस्ट पर भरोसा न करें।


