सीजी भास्कर, 30 अक्टूबर। राज्य के पेंशनरों (Pension News Chhattisgarh) के लिए खुशखबरी है। अब उन्हें जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए बैंकों या सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। पेंशनरों के लिए डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान 4.0 की शुरुआत की जा रही है। यह अभियान केंद्र सरकार और छत्तीसगढ़ शासन के संयुक्त सहयोग से लागू होगा।
इस सुविधा के तहत पेंशनर अपने एंड्रॉइड मोबाइल फोन में “आधार फेस आरडी” और “जीवन प्रमाण फेस ऐप” डाउनलोड कर चेहरे की पहचान (Face Authentication) के माध्यम से प्रमाण पत्र बना सकेंगे। यह तकनीक पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और सरल है, जिससे बुजुर्ग पेंशनरों को घर बैठे ही प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की सुविधा मिलेगी।
जिला रायगढ़ में इस अभियान के सुचारु क्रियान्वयन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला प्रशासन और पेंशन (Pension News Chhattisgarh) एवं भविष्य निधि संचालनालय, रायपुर के निर्देशन में पेंशनरों तक यह डिजिटल सेवा पहुँचाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है।
अभियान 1 नवंबर से 30 नवंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान रायगढ़, खरसिया और एडीबी रायगढ़ सहित जिले के सात प्रमुख स्थानों पर जीवन प्रमाण पत्र शिविर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक की टीमें पेंशनरों को प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया में सहयोग देंगी।
जिन पेंशनरों को मोबाइल ऐप का उपयोग करने में कठिनाई होती है, वे अपने नजदीकी बैंक या पोस्ट ऑफिस जाकर भी फेस ऑथेंटिकेशन के माध्यम से प्रमाण पत्र बनवा सकेंगे।
राज्य शासन ने वरिष्ठ नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के पेंशनरों को अक्टूबर माह से ही प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने की अनुमति दी है। वहीं जो पेंशनर स्वास्थ्य कारणों या असमर्थता की वजह से घर से बाहर नहीं निकल सकते, उनके लिए होम विजिट सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिसके तहत बैंक या पोस्ट ऑफिस की टीम उनके घर जाकर जीवन प्रमाण पत्र तैयार करेगी।
इस अभियान का संचालन भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के समन्वय में किया जा रहा है। वहीं राज्य स्तर पर वित्त विभाग, छत्तीसगढ़ शासन और संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, रायपुर द्वारा दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
अभियान का मुख्य उद्देश्य पेंशनरों के जीवन को सरल, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर बनाना है, ताकि उन्हें किसी भी सरकारी प्रक्रिया में परेशानी न हो और वे अपने अधिकारों का लाभ सहजता से प्राप्त कर सकें।


