सीजी भास्कर, 24 दिसंबर। छत्तीसगढ़ में शैक्षणिक सत्र 2025 के लिए पोस्ट ग्रेजुएट (PG Counselling Chhattisgarh) (PG) मेडिकल एडमिशन की प्रक्रिया ने अहम मोड़ ले लिया है। राज्य कोटा के अंतर्गत प्रथम चरण की काउंसलिंग का सीट आबंटन जारी कर दिया गया है। यह निर्णय राज्य काउंसलिंग समिति ने अभ्यर्थियों के हित और Medical Counselling Committee (MCC), स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा निर्धारित राष्ट्रीय समय-सीमा को ध्यान में रखते हुए लिया है।
हालांकि, इस पूरी प्रवेश प्रक्रिया पर न्यायिक प्रक्रिया की छाया बनी हुई है। PG मेडिकल एडमिशन से जुड़ा मामला अभी अदालत में विचाराधीन है, इसलिए समिति ने स्पष्ट (PG Counselling Chhattisgarh) किया है कि पहले राउंड का यह सीट आबंटन पूरी तरह से कोर्ट के अंतिम आदेश के अधीन रहेगा।
कोर्ट केस की वजह से अधर में दाखिले की स्थिति
PG प्रवेश को लेकर समृद्धि दुबे बनाम छत्तीसगढ़ राज्य प्रकरण में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हाईकोर्ट के फैसले के अनुच्छेद 21 पर स्पष्टीकरण मांगा है।
इसी कारण राज्य काउंसलिंग समिति ने यह साफ कर दिया है कि फिलहाल जारी किया गया सीट आबंटन अस्थायी प्रकृति का है और कोर्ट के अंतिम निर्णय के बाद इसमें बदलाव, संशोधन या पुनः आबंटन संभव है।
पहले राउंड में कितने अभ्यर्थी शामिल?
राज्य कोटा PG काउंसलिंग के प्रथम चरण में कुल 273 अभ्यर्थियों को सीट आवंटित की गई है। इसमें—
136 स्टेट इंस्टिट्यूशन कोटा
135 स्टेट ओपन कोटा
1 NRI इंस्टिट्यूशन कोटा
1 NRI ओपन कोटा
अधिकांश अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ के ही मेडिकल कॉलेजों से MBBS कर चुके हैं, जबकि कुछ उम्मीदवार अन्य राज्यों से पढ़ाई कर राज्य कोटा में शामिल (PG Counselling Chhattisgarh) हुए हैं। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य है, जहां प्राइवेट मेडिकल कॉलेजों में भी SC/ST/OBC आरक्षण लागू किया गया है।
एक और मामला लंबित, अनिश्चितता बरकरार
PG काउंसलिंग से जुड़ा एक अन्य मामला WPC 6449/2025 (प्रभाकर चंद्रवंशी बनाम छत्तीसगढ़ राज्य) भी हाईकोर्ट में लंबित है, जिसकी सुनवाई मार्च 2026 तक चल सकती है। इस कारण काउंसलिंग समिति ने दोहराया है कि वर्तमान राउंड में किया गया कोई भी एडमिशन अंतिम नहीं माना जाएगा।
छात्रों के लिए जरूरी और संवेदनशील निर्देश
सीट मिलने के बावजूद एडमिशन को पूरी तरह फाइनल न मानें
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राज्य कोटा प्रतिशत में बदलाव संभव
कानूनी प्रक्रिया लंबी होने पर जीरो ईयर (Zero Year) का जोखिम
अभ्यर्थी अगले आदेश और नोटिस तक सतर्क और अपडेटेड रहें
कुल मिलाकर, PG मेडिकल एडमिशन 2025 का पहला चरण भले ही जारी हो गया हो, लेकिन अंतिम तस्वीर अभी अदालत के फैसले के बाद ही साफ हो पाएगी। छात्रों और अभ्यर्थियों के लिए यह समय धैर्य, सतर्कता और सही जानकारी पर भरोसा रखने का है।





